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मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर किसानों का 7 दिन का धरना शुरू

पंजाब के 32 किसान संगठनों ने मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर सात दिनों का धरना शुरू किया है। प्रशासन ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें वैकल्पिक रूटों का सुझाव दिया गया है। जानें इस धरने के कारण और ट्रैफिक सलाह के बारे में।
 

किसानों का धरना मोहाली में शुरू


मोहाली: पंजाब के 32 किसान संगठनों ने आज से मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर सात दिनों का धरना शुरू किया है। ये किसान संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले एकत्र हुए हैं और अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डेरा डाले हुए हैं। विभिन्न क्षेत्रों से किसान ट्रैक्टर और ट्रालियों के साथ यहां पहुंच रहे हैं।


धरने के कारण ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर किसानों का 7 दिन का धरना


इस धरने के चलते मोहाली प्रशासन ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। किसान फेज-11, जगतपुरा, बाबा व्हाइट हाउस चौक और शहर के अन्य क्षेत्रों से मोर्चे की जगह पर पहुंच रहे हैं। आयशर चौक से बेस्टेक मॉल तक की सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रालियों के कारण सभी प्रकार के वाहनों के लिए रास्ता बंद कर दिया गया है।


नए रूट और ट्रैफिक सलाह

देखें नया रूट और ट्रैफिक एडवाइजरी


पिछले धरने में किसानों ने प्रशासन से बिना अनुमति के मोर्चा लगाया था, जिससे कई सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस बार किसान यूनियन के नेताओं ने पहले मोहाली और चंडीगढ़ पुलिस अधिकारियों से बैठक की है। बैठक के बाद ही धरना लगाने की अनुमति मिली है, जिससे अधिकारियों का कहना है कि इस बार स्थिति नियंत्रण में रहेगी और आम जनता को ज्यादा परेशानी नहीं होगी।


चंडीगढ़ जाने वाले वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे फेज-10 और फेज-11 की ओर न जाएं। इसके बजाय, उन्हें तीन वैकल्पिक रूटों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।


पहला रूट आयशर चौक से लैंडरां रोड होते हुए सेक्टर-82/83 रोड से जगतपुरा होकर चंडीगढ़ पहुंचा जा सकता है। दूसरा रूट आईआईएसईआर चौक से एयरपोर्ट रोड, आईटी सिटी या एरोट्रोपोलिस क्षेत्र से जगतपुरा होते हुए चंडीगढ़ का है। तीसरा रूट आईआईएसईआर चौक से फेज-9 रोड, सेक्टर-66/68 रोड से जगतपुरा होकर चंडीगढ़ पहुंचने का है।


मोहाली प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इन वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें ताकि ट्रैफिक सुचारू बना रहे। यह धरना सात दिनों तक चलेगा, इसलिए इस दौरान मोहाली-चंडीगढ़ सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को समय निकालकर नया रूट चुनना चाहिए।