मौसम अपडेट: मानसून में कमी, बारिश की संभावना कम
मौसम की स्थिति
देश के कई हिस्सों में हाल के दिनों में बारिश में अचानक कमी आई है। 11 जुलाई को जारी सैटेलाइट चित्रों में भारत के लगभग 70-80% क्षेत्र में बारिश के बादल नहीं दिखाई दिए। यह स्थिति तब बनी जब 9 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश में पहुंच गया था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण पश्चिमी प्रशांत महासागर में बने एक शक्तिशाली चक्रवात का प्रभाव है।
जुलाई में बारिश की कमी
मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई के शेष दिनों में भी कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। विभाग के अनुसार, पूरे महीने की बारिश सामान्य औसत से कम रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही पश्चिमी प्रशांत महासागर में बने चक्रवात का प्रभाव कम होगा, मानसून फिर से मजबूत होगा और कई क्षेत्रों में बारिश शुरू हो सकती है।
चक्रवात का प्रभाव
दक्षिण-पश्चिम मानसून, जो हिंद महासागर से नमी वाली हवाओं के माध्यम से बारिश लाता है, इस समय पश्चिमी प्रशांत महासागर में बने चक्रवात के कारण कमजोर हो गया है। यह चक्रवात नमी और हवा के प्रवाह को अपनी ओर खींच रहा है, जिससे भारत के मानसून पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
अतिरिक्त जानकारी
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