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यूपी नीट यूजी-2026 की काउंसिलिंग प्रक्रिया में तेजी, ऑनलाइन दिशा-निर्देश जारी

उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए यूपी नीट यूजी-2026 की काउंसिलिंग प्रक्रिया में तेजी आई है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक ने अभ्यर्थियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य काउंसिलिंग को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे पंजीकरण अपने मोबाइल नंबर और ई-मेल से करें। ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन और च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
 

काउंसिलिंग की तैयारियों में तेजी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यूपी नीट यूजी-2026 की पहली चरण की ऑनलाइन काउंसिलिंग की तैयारियां जोरों पर हैं। इस संदर्भ में चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक (डीजीएमई) ने अभ्यर्थियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य काउंसिलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाना है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे पंजीकरण अपने व्यक्तिगत मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी से करें और धरोहर धनराशि का भुगतान अपने बैंक खाते से करें, ताकि सभी सूचनाएं समय पर प्राप्त हो सकें और धनराशि की वापसी प्रक्रिया भी सरल हो सके।


काउंसिलिंग में भागीदारी के लिए आवश्यकताएँ

केवल नीट यूजी-2026 की परीक्षा में सफल अभ्यर्थी ही यूपी नीट यूजी 2026 की काउंसिलिंग में भाग ले सकेंगे। सभी पात्र अभ्यर्थियों को विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। काउंसिलिंग से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं पंजीकरण के दौरान दर्ज मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर भेजी जाएंगी।


ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन की सुविधा

महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था की है। पंजीकरण के समय, प्रत्येक अभ्यर्थी अपनी सुविधा के अनुसार एक नोडल सेंटर का चयन करेगा और आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करेगा। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंकतालिका, आरक्षण प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो) और डोमिसाइल प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो) शामिल होंगे। इससे काउंसिलिंग प्रक्रिया अधिक सरल और समयबद्ध होगी।


पंजीकरण शुल्क और धरोहर धनराशि

ऑनलाइन काउंसिलिंग में भाग लेने के लिए ₹2,000 का पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है, जो नॉन-रिफंडेबल होगा। च्वाइस फिलिंग के लिए धरोहर धनराशि का ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य है। राजकीय मेडिकल एवं डेंटल सीटों के लिए ₹30,000, निजी मेडिकल सीटों के लिए ₹2,00,000 और निजी डेंटल सीटों के लिए ₹1,00,000 की धरोहर धनराशि निर्धारित की गई है।


भुगतान के लिए निर्देश

महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे धरोहर धनराशि का भुगतान अपने बैंक खाते से ही करें। काउंसिलिंग के सभी चरण पूर्ण होने के बाद, यह धनराशि उसी खाते में वापस की जाएगी, जिससे भुगतान किया गया था।


फ्री एग्जिट की सुविधा

प्रथम चरण की काउंसिलिंग में अभ्यर्थियों के हित में 'फ्री एग्जिट' की सुविधा दी गई है। यदि किसी अभ्यर्थी को पहले चरण में सीट आवंटित होती है और वह प्रवेश नहीं लेता है, तो उसे फ्री एग्जिट की सुविधा मिलेगी। ऐसे अभ्यर्थी द्वितीय या तृतीय चरण की काउंसिलिंग में भी भाग ले सकेंगे।


आरक्षण प्रमाण-पत्रों के लिए दिशा-निर्देश

महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि सभी आरक्षण प्रमाण-पत्र उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी होने चाहिए। ओबीसी और ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र 1 अप्रैल, 2026 या उसके बाद जारी होना अनिवार्य है।


च्वाइस फिलिंग और प्रवेश प्रक्रिया

महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे मेडिकल और डेंटल कॉलेजों का चयन अपनी प्राथमिकता के अनुसार करें और केवल उन्हीं संस्थानों की च्वाइस भरें, जहां वे प्रवेश लेना चाहते हैं। च्वाइस फिलिंग के बाद च्वाइस लॉक करना अनिवार्य होगा।


काउंसिलिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता

महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के माध्यम से यूपी नीट यूजी-2026 की काउंसिलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी, तकनीक आधारित और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाया गया है। ऑनलाइन पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन, स्पष्ट आरक्षण प्रावधान और सुव्यवस्थित च्वाइस फिलिंग जैसी व्यवस्थाएं अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग प्रक्रिया को सरल और सहज बनाने में मदद करेंगी।