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यूरोप में भीषण गर्मी का प्रकोप: फ्रांस में 18 लोगों की मौत, ब्रिटेन ने जारी किया रेड अलर्ट

यूरोप के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचा प्रभावित हो रहे हैं। फ्रांस में 18 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं। ब्रिटेन ने छह क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे 1976 का रिकॉर्ड टूट सकता है। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और अन्य देशों में क्या हो रहा है।
 

यूरोप में गर्मी का कहर

लंदन/पेरिस: यूरोप के विभिन्न हिस्सों में अत्यधिक गर्मी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, जिससे जनजीवन, स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचा गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। फ्रांस में दो बच्चों सहित 18 लोगों की जान चली गई है, जबकि स्पेन के सान सेबेस्टियन जैसे ठंडे क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।


यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने इंग्लैंड के छह क्षेत्रों - वेस्ट मिडलैंड्स, ईस्ट मिडलैंड्स, साउथ ईस्ट, साउथ वेस्ट, लंदन और ईस्ट ऑफ इंग्लैंड में बुधवार सुबह 1 बजे से गुरुवार रात 11 बजे तक रेड हेल्थ वार्निंग जारी की है। यह चेतावनी बताती है कि स्थिति इतनी गंभीर है कि स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी जीवन का खतरा उत्पन्न हो सकता है, और इसका असर परिवहन, खाद्य, जल, ऊर्जा आपूर्ति और व्यवसायों पर भी पड़ सकता है।


यह ब्रिटेन में जारी की गई दूसरी रेड चेतावनी है। पहली बार यह अलर्ट जुलाई 2022 में जारी किया गया था, जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था।


मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह इंग्लैंड और वेल्स में तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे 1976 का जून का रिकॉर्ड टूट सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति एक 'हीट डोम' के कारण उत्पन्न हुई है, जो पश्चिमी यूरोप के ऊपर गर्म हवा को फंसा देती है। जलवायु परिवर्तन इस प्रकार की चरम मौसम घटनाओं को और अधिक तीव्र बना रहा है।


फ्रांस में स्थिति और भी गंभीर है, जहां आधे से अधिक क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। लगभग 3.9 करोड़ लोग इस चेतावनी के दायरे में हैं। सप्ताहांत से अब तक कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें कार के अंदर बेहोश पाया गया था।


फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने हालात की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। देश में 1,350 से अधिक स्कूलों को बंद करना पड़ा है।


इटली ने भी 12 शहरों के लिए रेड हीट अलर्ट जारी किया है, जबकि दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में एक परमाणु संयंत्र ने नदी के पानी के अत्यधिक गर्म होने के कारण एक रिएक्टर को बंद कर दिया है।


जर्मनी में सप्ताहांत के दौरान तैराकी से जुड़े हादसों में पांच लोगों की मौत हुई। वहीं, फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर विमानों के लंबे समय तक रनवे पर खड़े रहने के कारण कई यात्री गर्मी से परेशान हो गए।


स्पेन में मौसम एजेंसी एईएमईटी के अनुसार, तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है, जबकि उत्तरी क्षेत्रों में यह अंतर 10 डिग्री से भी अधिक है। सान सेबेस्टियन जैसे अपेक्षाकृत ठंडे इलाकों में भी तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।


बेल्जियम में मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह हीटवेव एक सप्ताह तक रह सकती है और तापमान रिकॉर्ड स्तर तक जा सकता है। पेरिस में जून महीने का अब तक का सबसे अधिक तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना है।