योगी आदित्यनाथ ने मिशन रोजगार के तहत 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र सौंपे
मुख्यमंत्री का बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मिशन रोजगार' के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल की है। बुधवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में, उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों (ग्रेड-ए) को आधिकारिक नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर, सीएम योगी ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई दी।
उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को समय पर और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड की टीम की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 17, 2026
नियुक्ति पत्र वितरण के बाद, सीएम योगी ने कहा कि नवचयनित कार्मिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि सेवाकाल के दौरान आत्म-अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है। ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना अनुशासनहीनता मानी जाएगी, इसलिए ऐसा न करें जिससे पुलिस की छवि खराब हो।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवचयनित अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश पुलिस की आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाएंगे। उन्होंने गर्व से कहा कि जब से यूपी पुलिस ने जनसेवा को प्राथमिकता दी है, तब से इसकी साख में सुधार हुआ है। अब कोई भी नागरिक यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं उठा सकता।
सीएम ने कहा कि यूपी पुलिस की पहचान अब केवल संख्या बल पर नहीं है, बल्कि पिछले 9 वर्षों में सुशासन के लिए किए गए प्रयासों के कारण यह देश के लिए एक मॉडल बन गई है। नवचयनित कार्मिकों की भूमिका 'स्मार्ट पुलिस' और 'डिजिटल वॉरियर्स' के रूप में महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले राज्य में दंगों की स्थिति थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
स्मार्ट पुलिसिंग की इस नई अवधारणा में कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। पिछले 9 वर्षों में सुरक्षा और सुशासन के कारण उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2017 से पहले जहां 14 हजार बड़े कारखाने थे, वहीं अब उनकी संख्या 32 हजार से अधिक हो गई है। इसके अलावा, 96 लाख से अधिक एमएसएमई यूनिट्स ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं। इस प्रकार, उत्तर प्रदेश अब एक बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश के सबसे बड़े 'ग्रोथ इंजन' में से एक बन गया है।