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योगी सरकार का स्कूल चलो अभियान: नए नामांकन में तेजी

योगी सरकार के स्कूल चलो अभियान ने नए नामांकन में तेजी दिखाई है। अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान में 20 दिनों में 8 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन हुआ है। कक्षा 1 और कक्षा 6 में सबसे अधिक नामांकन दर्ज किए गए हैं। यह अभियान जुलाई तक चलेगा, जिसमें शिक्षा को सभी के लिए उपलब्ध कराने की दिशा में और प्रयास किए जाएंगे। जानें इस अभियान की सफलता और आगे की योजनाओं के बारे में।
 

लखनऊ में स्कूल चलो अभियान की सफलता

लखनऊ। योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्कूल चलो अभियान के तहत प्रदेश में नए नामांकन की प्रक्रिया ने प्रारंभिक चरण में ही जोर पकड़ लिया है। अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान में पिछले वर्ष लगभग 34 लाख नए नामांकन हुए थे। इस वर्ष, 20 अप्रैल तक, केवल 20 दिनों में 8 लाख 79 हजार से अधिक बच्चों का नामांकन किया गया है। यह परिषदीय शिक्षा को सभी के लिए उपलब्ध कराने की योगी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


लगभग 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में यह अभियान सक्रिय रूप से चल रहा है। योगी सरकार के निर्देशानुसार, बेसिक शिक्षा विभाग घर-घर जाकर संपर्क, जन जागरूकता और स्कूल से बाहर के बच्चों की पहचान पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, ताकि हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा में लाया जा सके।


कक्षा 1 और कक्षा 6 में नामांकन की उच्चतम दर

योगी सरकार के द्वारा परिषदीय कक्षाओं पर विशेष ध्यान देने का परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 1 और कक्षा 6 में नामांकन की गति सबसे अधिक है। कक्षा 1 में वर्ष 2025-26 के 16,03,833 के मुकाबले 2026-27 में 20 दिनों में 5,29,726 नामांकन हुए हैं, जबकि कक्षा 6 में 10,94,026 के मुकाबले 2,73,621 नामांकन दर्ज किए गए हैं। अन्य कक्षाओं में भी नामांकन की प्रक्रिया सक्रिय है, जैसे कक्षा 2 में 28,571, कक्षा 3 में 17,686, कक्षा 4 में 10,772, कक्षा 5 में 8,418, कक्षा 7 में 6,513 और कक्षा 8 में 3,302 नामांकन हुए हैं।


समन्वित प्रयासों से मिली सफलता, आगे की योजना

यह उपलब्धि पिछले शैक्षिक सत्र 2025-26 के लगभग 34 लाख नए नामांकन के सापेक्ष करीब 26 प्रतिशत है। यह अभियान की प्रभावी रणनीति और मजबूत जमीनी क्रियान्वयन का परिणाम है। अब, शेष लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और अधिक सक्रियता से कार्य कर रहा है। चूंकि यह अभियान जुलाई तक चलेगा, इसलिए आगामी चरणों में नामांकन को और तेज करने के लिए विभागीय अधिकारियों और शिक्षकों के बीच समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।