रक्षाबंधन के लिए डाक विभाग की विशेष तैयारियां
रक्षाबंधन का महत्व
रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन देशभर में लाखों राखियां डाक के माध्यम से भेजी जाती हैं। इस बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए, डाक विभाग ने इस बार विशेष व्यवस्थाएं की हैं ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
डाक विभाग की विशेष व्यवस्थाएं
डाक विभाग ने 15 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक कुछ चयनित डाकघरों को रविवार और सरकारी छुट्टियों में भी खोलने का निर्णय लिया है। इस दौरान लोग आसानी से राखी, पार्सल और अन्य डाक सामग्री की बुकिंग कर सकेंगे। विभाग का मुख्य उद्देश्य त्योहार से पहले सभी डाक सामग्री की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करना है।
छुट्टी वाले दिनों में सेवा
विशेष व्यवस्था के तहत, गुरदासपुर प्रधान डाकघर, बटाला प्रधान डाकघर, पठानकोट उप डाकघर, दीनानगर उप डाकघर, कादियां उप डाकघर, धारीवाल उप डाकघर और फतेहगढ़ चूड़ियां उप डाकघर रविवार और सरकारी छुट्टियों में सुबह नौ बजे से शाम साढ़े चार बजे तक खुले रहेंगे। यहां सामान्य डाक सेवाओं के साथ-साथ राखी और पार्सल की बुकिंग भी जारी रहेगी।
आधार सेवाएं भी उपलब्ध
लोगों की सुविधा के लिए, डाक विभाग ने इन डाकघरों में आधार नामांकन और अपडेट की सुविधा भी प्रदान की है। एमपीसीएम काउंटरों पर एक ही स्थान पर कई सेवाएं मिलने से लोगों का समय बचेगा और उन्हें विभिन्न कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
राखी भेजने की सलाह
गुरदासपुर डिवीजन के वरिष्ठ डाक अधीक्षक चरणजीत सिंह ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे अंतिम समय तक इंतजार न करें। यदि राखी और पार्सल पहले से बुक कर दिए जाएं, तो समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करना आसान होगा और अंतिम दिनों की भीड़ से भी बचा जा सकेगा।
जलरोधक लिफाफे और राखी बॉक्स
मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए, डाक विभाग ने विशेष जलरोधक लिफाफे और राखी बॉक्स उपलब्ध कराए हैं। इनकी मदद से राखियां सुरक्षित रहेंगी और खराब होने की संभावना कम होगी। यह सुविधा खासतौर पर त्योहार के दौरान सुरक्षित डिलीवरी के लिए शुरू की गई है।
अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती
त्योहार के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को संभालने के लिए चयनित डाकघरों में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है। विभाग का कहना है कि हर ग्राहक को तेज, सुरक्षित और बेहतर सेवा देना उसकी प्राथमिकता है ताकि रक्षाबंधन के मौके पर किसी को भी असुविधा का सामना न करना पड़े।