रसोई गैस की पैनिक बुकिंग में कमी, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक
रसोई गैस की स्थिति पर सरकार का बयान
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि रसोई गैस के सिलेंडर की पैनिक बुकिंग में कमी आई है, फिर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि देशभर में गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, लेकिन हालात अभी भी गंभीर हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 19 मार्च को लगभग 55 लाख सिलेंडर की बुकिंग हुई थी। यह संख्या ईरान में युद्ध शुरू होने से पहले की बुकिंग के समान है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 7,500 उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में परिवर्तित हो चुके हैं। सरकार पीएनजी की लाइन घरों में लगाने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। सुजाता शर्मा ने यह भी कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए देशभर में 4,500 छापे मारे गए, जिनमें से 1,100 उत्तर प्रदेश में हुए।
इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान से 913 भारतीय नागरिक आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते वापस लौट रहे हैं। युद्ध के आरंभ होने के बाद से लगभग तीन लाख भारतीय खाड़ी क्षेत्र से लौट चुके हैं। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि पिछले 24 घंटों में किसी भी समुद्री घटना की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि फारस की खाड़ी में भारत के 22 जहाज और 611 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं, और सरकार उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।