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राघव चड्ढा और 6 सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़ी, बीजेपी में शामिल हुए

आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया है, साथ ही 6 अन्य सांसदों ने भी ऐसा किया है। यह घटनाक्रम पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले। स्वाति मालीवाल की भूमिका इस फूट में महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए थे। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी और पार्टी की स्थिति पर इसका प्रभाव।
 

राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में शामिल होना


नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक, राघव चड्ढा, ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। उनके साथ, पार्टी के 6 अन्य सांसदों ने भी इस कदम को उठाया है, जो पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से 7 अब बीजेपी का हिस्सा बन चुके हैं।


पार्टी में चल रही गुटबाजी का संकेत

राघव चड्ढा और अन्य सांसदों का बीजेपी में शामिल होना पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को उजागर करता है। इस घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी की छवि को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जिससे उबरना उनके लिए आसान नहीं होगा। हालांकि, सांसदों के पार्टी छोड़ने की घोषणा आज की गई है, लेकिन यह बगावत की शुरुआत तब हुई थी जब पार्टी की प्रमुख महिला नेता स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए थे। आज जिन 7 सांसदों ने बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की है, उनमें स्वाति मालीवाल का नाम भी शामिल है।


स्वाति मालीवाल की भूमिका

कैसे स्वाति मालीवाल बनी पार्टी में फूट की वजह?


स्वाति मालीवाल को आम आदमी पार्टी ने जनवरी 2024 में राज्यसभा सांसद बनाया था। जानकारों के अनुसार, पार्टी में फूट की शुरुआत स्वाति मालीवाल से हुई। मई 2024 में उनकी और पार्टी की दूरियां बढ़ीं, जो बीजेपी में शामिल होने की घोषणा के साथ समाप्त हुईं। यह वही समय था जब केजरीवाल को जेल जाना पड़ा और राघव चड्ढा तथा स्वाति मालीवाल ने उनसे दूरी बना ली।


मारपीट का आरोप

सीएम आवास में मारपीट का लगाया था आरोप


जब अरविंद केजरीवाल 2024 में लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए कुछ दिन जेल से बाहर आए, तब स्वाति मालीवाल उनसे मिलने गईं। बाद में उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम आवास में बिभव कुमार ने उनके साथ हाथापाई की। केजरीवाल घर के अंदर थे, लेकिन उनसे मिलने नहीं दिया गया। इस घटना के कारण बिभव कुमार को जेल जाना पड़ा। यहीं से स्वाति पार्टी से दूर हो गईं और पार्टी के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करती रहीं, लेकिन पार्टी नहीं छोड़ी। लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे कि वह बीजेपी में शामिल हो सकती हैं, लेकिन अकेले ऐसा करने पर उनकी राज्यसभा सदस्यता जा सकती थी। इसलिए न तो पार्टी ने उन्हें निकाला और न ही उन्होंने खुद को अलग किया।