राजस्थान में गर्मी का प्रकोप: तापमान 41 डिग्री पार
राजस्थान में गर्मी का कहर
राजस्थान में गर्मी ने लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अप्रैल का महीना अभी आधा ही बीता है, लेकिन गर्मी ने पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। तेज धूप, सूखी हवाएं और बढ़ता पारा लोगों को परेशान कर रहा है।
तापमान में वृद्धि
पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है, और पूरे राज्य में गर्मी का प्रभाव स्पष्ट है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
राज्य के गर्म इलाकों की जानकारी
बुधवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कोटा में यह 41.5 डिग्री और जैसलमेर तथा चूरू में 40.5 डिग्री तक पहुंच गया। चित्तौड़गढ़ में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। अप्रैल का महीना अभी खत्म नहीं हुआ है, और दिन के साथ रात का तापमान भी बढ़ रहा है। खासकर शहरी क्षेत्रों में गर्मी और उमस ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छाया रहता है और लोग जरूरी काम के लिए भी बाहर निकलने से बच रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में राहत मिलने की संभावना कम है।
मौसम विभाग की चेतावनी
जयपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी जारी की है कि पश्चिमी राजस्थान में लू चलने लगी है। 17 अप्रैल से कई जिलों में हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है। 17 अप्रैल को श्रीगंगानगर, जैसलमेर और बाड़मेर में यलो अलर्ट जारी किया जाएगा। 18 अप्रैल को श्रीगंगानगर और बाड़मेर में लू का प्रभाव और बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और छायादार स्थानों पर रहने का प्रयास करें। विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल के इस समय में इतना अधिक तापमान चिंताजनक है, जो आने वाले गर्मी के मौसम के लिए खराब संकेत है। मई और जून में तापमान और बढ़ सकता है और हीटवेव की अवधि लंबी हो सकती है।