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राजस्थान में चुनावी तैयारियों के लिए अधिकारियों के तबादले की अनुमति

राजस्थान में चुनावी तैयारियों के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले की अनुमति दी गई है। निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि जो अधिकारी पिछले तीन वर्षों से एक ही स्थान पर हैं, उनका तबादला किया जाएगा। इसके अलावा, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिले से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 15 अगस्त के बाद ऐसे तबादलों पर रोक लग जाएगी। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और क्या निर्देश दिए गए हैं।
 

राजस्थान में तबादलों पर प्रतिबंध के बावजूद नए निर्देश


जयपुर: राजस्थान में सामान्य तबादलों पर अभी भी रोक लगी हुई है, लेकिन आगामी शहरी निकाय और पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर, राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ विशेष परिस्थितियों में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले की अनुमति दी है। आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि यह प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी की जाए।


तबादलों पर लगी रोक हटाई गई

हाल ही में प्रशासनिक सुधार विभाग ने कुछ समय के लिए तबादलों पर लगी रोक को हटा लिया था, जिसके चलते विभिन्न विभागों में स्थानांतरण किए गए थे। इसके बाद फिर से तबादलों पर रोक लगा दी गई थी। अब निर्वाचन आयोग के नए आदेश से चुनावी तैयारियों से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।


निर्वाचन आयोग के निर्देश

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि वे अधिकारी या कर्मचारी, जो पिछले तीन वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं, उनका तबादला किया जाएगा। इसके अलावा, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को उनके गृह जिले से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सकें।


आयोग की भविष्य की योजनाएं

आयोग ने यह भी बताया है कि 15 अगस्त के बाद ऐसे तबादलों पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू होने पर चुनाव ड्यूटी से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही आयोग की मंजूरी से स्थानांतरण संभव होगा।


चुनावों के लिए आवश्यक स्थानांतरण

शहरी निकाय चुनावों के लिए नगर निगम और नगर परिषद के आयुक्त, उपायुक्त, यूआईटी सचिव, विकास प्राधिकरणों के वरिष्ठ अधिकारी, नगरपालिकाओं के अधिशासी अधिकारी, थाना प्रभारी, पुलिस सब इंस्पेक्टर, आबकारी निरीक्षक और नायब तहसीलदार अपने गृह जिले में तैनात नहीं रह सकेंगे।


पंचायतीराज चुनावों के लिए दिशा-निर्देश

पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों के लिए ब्लॉक विकास अधिकारी, थाना प्रभारी, नायब तहसीलदार, पुलिस सब इंस्पेक्टर और आबकारी निरीक्षक अपनी गृह पंचायत समिति क्षेत्र में पदस्थ नहीं रह सकेंगे। आयोग का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना है।


अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रभाव

राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ पहले चुनावी लापरवाही के मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं, उन्हें चुनाव संबंधी ड्यूटी में तैनात नहीं किया जाएगा।


आयोग के निर्देशों के बाद अगले लगभग 20 दिनों में प्रशासनिक और पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक स्थानांतरण पूरे करने होंगे।