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राजस्थान में मानसून की वापसी, बारिश से बाढ़ जैसे हालात

राजस्थान में मानसून की वापसी के साथ कई जिलों में भारी बारिश हो रही है, जिससे बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। सवाई माधोपुर में सबसे अधिक वर्षा हुई है, जबकि धौलपुर में जलभराव से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जानें इस बारिश के कारण क्या-क्या प्रभावित हुआ है और आगे की संभावनाएं क्या हैं।
 

राजस्थान में बारिश का नया दौर


राजस्थान: मानसून ने एक बार फिर से राजस्थान में दस्तक दी है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में अच्छी खासी बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों में सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे अधिक 102 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। करौली, भरतपुर और अलवर के कुछ क्षेत्रों में लगभग तीन इंच तक बारिश हुई है। अजमेर, बारां, बूंदी, दौसा, धौलपुर, करौली, टोंक, सीकर, कोटा और भीलवाड़ा में एक से दो इंच तक वर्षा हुई है।


मौसम में बदलाव का कारण

राजस्थान में मानसून की सक्रियता


जयपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके प्रभाव से जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।


धौलपुर में बाढ़ की स्थिति

धौलपुर में बाढ़ जैसे हालात


सात सितंबर को बारां, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, झालावाड़, करौली और सवाई माधोपुर जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


धौलपुर जिले में पिछले चार दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है, जिससे शहर और गांव दोनों में जलभराव हो गया है। कई कॉलोनियों में पानी भर गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा हो गया है, जिससे किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तालाब, बांध और पोखर भी लबालब भर चुके हैं।


भारी बारिश के कारण कई बांधों के गेट खोले गए हैं। भरतपुर के बारैठा बांध के दो गेट खोले गए हैं, जबकि धौलपुर के पार्वती बांध के भी दो गेट खोले गए हैं। झालावाड़ के कालीसिंध बांध के तीन और कोटा के नवनेरा बांध के सात गेट खोले गए हैं। धौलपुर का रामसागर डैम और सवाई माधोपुर का मानसरोवर बांध ओवरफ्लो हो रहे हैं।