राजस्थान में विधवा की हत्या का मामला: आरोपी गिरफ्तार
टोंक जिले में हत्याकांड का खुलासा
राजस्थान के टोंक जिले के लवादर गांव में एक दिल दहला देने वाली हत्या की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। 70 वर्षीय विधवा हरबाई गुर्जर की क्रूरता से हत्या के मामले में पुलिस ने 50 वर्षीय रसाल देवी वैष्णव को गिरफ्तार किया है, जो पड़ोस में रहती थी। इस हत्या ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था, क्योंकि शव के कई हिस्सों को अलग-अलग स्थानों पर फेंका गया था।
विशेष टीम ने सुलझाया मामला
जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीना के निर्देश पर और डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने मामले की गहन जांच की। केवल पांच दिनों में इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली गई। पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुरागों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की।
आर्थिक संकट ने बढ़ाया अपराध का कारण
पुलिस जांच में यह सामने आया कि रसाल देवी लंबे समय से आर्थिक संकट का सामना कर रही थी। उसने अपने बच्चों की शादी और अन्य पारिवारिक जरूरतों के लिए कई साहूकारों से कर्ज लिया था, जो समय के साथ बढ़कर लगभग 25 लाख रुपये तक पहुंच गया था।
उस पर करीब आठ लाख रुपये का तत्काल भुगतान करने का दबाव था। इसी आर्थिक तंगी के चलते उसकी नजर हरबाई गुर्जर के हाथों और पैरों में पहने चांदी के कड़ों पर पड़ी। पुलिस के अनुसार, उसने जेवर चुराने के इरादे से हत्या की योजना बनाई।
चाय पर बुलाकर की गई हत्या
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 9 जून को रसाल देवी ने हरबाई को अपने घर चाय पीने के लिए बुलाया। बातचीत के दौरान उसने मौका पाकर कुल्हाड़ी से गर्दन पर वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद, आरोपी ने शव के विभिन्न हिस्सों को काटकर जेवर निकाल लिए।
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद रसाल देवी ने शव के धड़ और अन्य अंगों को बोरी में भरकर गांव के बाहर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। घटना के बाद उसने सबूत मिटाने की कोशिश की ताकि किसी को उस पर शक न हो। हत्या के बाद रसाल देवी लगातार तीन दिनों तक घर से बाहर नहीं निकली और इस दौरान उसने सभी संभावित सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया। जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गतिविधियों और घटनाक्रम में मिले कई सुरागों ने पुलिस को उसके करीब पहुंचाया। पूछताछ के दौरान उसके बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने मामले की परतें खोल दीं।