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राजस्थान में हनीट्रैप मामले में छह गिरफ्तार, पुलिस ने किया खुलासा

राजस्थान में एक हनीट्रैप मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसे बलात्कार के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगे गए। पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। जानें इस मामले की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

जयपुर में हनीट्रैप का मामला


जयपुर: रायसर पुलिस ने हनीट्रैप मामले को 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में ₹20,000 और दो कारें भी जब्त की हैं। स्टेशन हाउस ऑफिसर हेमराज सिंह गुर्जर ने जानकारी दी कि 8 अप्रैल को दौलतपुरा के एक निवासी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने लगभग 3-4 महीने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतापगढ़ के दीपक कुम्हार से दोस्ती की थी।


दीपक बाद में शिकायतकर्ता के बेहलोर स्थित खेत पर आने लगा। 6 अप्रैल को दीपक अपनी कथित गर्लफ्रेंड के साथ खेत पर आया और शिकायतकर्ता से उन्हें मनोहरपुर छोड़ने का अनुरोध किया। जब शिकायतकर्ता अपनी कार में उन दोनों के साथ निकला, तो एक दूसरी कार में सवार दो युवकों और एक युवती ने उन्हें रोक लिया और शिकायतकर्ता के साथ मारपीट की।


पीड़ित की आपबीती

पीड़ित ने क्या बताया?


आरोपियों ने पीड़ित को मजबूर करके उस महिला के बगल में बिठाया और उनका एक वीडियो बनाया। इसके बाद उन्हें शाहपुरा की ओर ले जाया गया। आरोपियों ने पीड़ित से ₹15 लाख की मांग की और बलात्कार के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। अंततः ₹7 लाख पर समझौता हुआ, जिसमें से ₹80,000 ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए पीड़ित को मजबूर किया गया।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने कैसे किया गिरफ्तार?


पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद एक जाल बिछाया और आरोपियों को पैसे लेने के लिए खेत पर बुलाया। जैसे ही आरोपी वहां पहुंचे, पुलिस ने उन्हें घेर लिया। इस ऑपरेशन के दौरान एक आरोपी कनाराम गुर्जर भागने में सफल रहा, लेकिन पुलिस ने उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया।


अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी

अन्य आरोपी कैसे हुए गिरफ्तार?


पुलिस ने प्रतापगढ़ में दीपक को भी गिरफ्तार किया। इंद्रगढ़ पुलिस की सहायता से दिव्या सूर्यवंशी और अन्नू मीणा को भी पकड़ा गया। इसके अलावा, हनुमान सहाय गुर्जर और रामकिशन मीणा उर्फ राहुल को भी गिरफ्तार किया गया। उल्लेखनीय है कि राहुल और दीपक के खिलाफ पहले से लूट के मामले दर्ज हैं।