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रामनवमी पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे हैं, और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। राम मंदिर में वैदिक मंत्रों के साथ अभिषेक किया जा रहा है, जिसमें सूर्य तिलक का विशेष महत्व है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च अधिकारियों की तैनाती की है। जानें इस धार्मिक उत्सव की खास बातें और श्रद्धालुओं की भावनाएं।
 

अयोध्या में रामनवमी का उत्सव

उत्तर प्रदेश: रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में भक्तों की एक विशाल भीड़ उमड़ पड़ी है। देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए रामनगरी पहुंचे हैं। भक्तों का आना देर शाम तक जारी रहने की उम्मीद है। सुबह पांच बजे से रामलला के दर्शन का सिलसिला शुरू हो चुका है, जिसमें लंबी कतारें देखी जा रही हैं। रामनवमी के मद्देनजर अयोध्या में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन मिल सकें।


राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला का वैदिक मंत्रों के साथ अभिषेक किया जा रहा है। सुबह 10 बजे से शोडपशोचार पूजन के साथ अभिषेक की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। इसके बाद रामलला का दूध, दही, पंचामृत और सरयू का जल, गंधोधक, सुगंध द्रव्य से अभिषेक किया जा रहा है। दोपहर 12 बजकर 4 मिनट पर रामलला का सूर्य तिलक किया गया।




राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि दोपहर 12 बजे भगवान सूर्य ने श्री रामलला को तिलक किया। 4 मिनट के लिए सूर्य की किरणें उनके ललाट पर आईं। चंपत राय ने बताया कि इसरो की संस्था इंस्टीट्यूट आफ फिजिक्स रुड़की की देखरेख में सूर्य तिलक किया गया।


राम जन्मोत्सव के अवसर पर अयोध्या के सभी मंदिरों में श्रद्धालु भजनों में मग्न होकर नाच रहे हैं। मठ मंदिरों में मंगलहारी गीत गूंज रहे हैं। हर ओर उत्सव का माहौल है। प्राचीन कनक भवन मंदिर, दशरथ महल, मणिराम दासछावनी, राम हर्षण कुन, चारु शिला मंदिर, जानकीमहल, राम बल्लभा कुंज समेत अन्य मंदिरों में श्रद्धालु उत्सव में शामिल होकर भाव विभोर हो रहे हैं।


श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी सतर्कता बरती है। उच्च अधिकारी खुद ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। एडीजी जोन लखनऊ प्रवीण कुमार, कमिश्नर राजेश कुमार, डीएम निखिल टीकाराम फुंडे और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर लगातार मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।


एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया कि 26 मार्च को 20 लाख से अधिक श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान कर चुके थे, जबकि शुक्रवार सुबह से लगभग 10 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं और यह सिलसिला जारी है। दोपहर 12 बजे भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। लाखों श्रद्धालु सभी प्रमुख मंदिरों में दर्शन पूजन कर अपनी मनोकामनाएं कर रहे हैं।