×

राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक पर छात्रों के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस

राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने घायल छात्र शाहिल को दिखाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। राहुल गांधी ने तीन प्रमुख मांगें रखीं, जिसमें जिम्मेदार व्यक्तियों को हटाने और प्रधानमंत्री से माफी मांगने की बात शामिल है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
 

राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला


नई दिल्ली। NEET परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन जारी है। इसी क्रम में, शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घायल छात्र शाहिल के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया। राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने घायल छात्र को दिखाते हुए कहा कि एक छात्र को पैलेट गन से चोट लगी, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहा था। उन्होंने बताया कि इस छात्र की एक आंख नहीं खुल रही है और उसे उस आंख से दिखाई नहीं दे रहा। इन छात्रों की कोई गलती नहीं थी, फिर भी उन पर कार्रवाई की गई।


जब ये युवा हाथों में हिंदुस्तान का तिरंगा लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, तब इसे पैलेट गन से मारा गया।

सरकार कहती है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई आपके सामने है।

इनके ऊपर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे इनकी आंख खराब हो गई है, दिखना बंद… pic.twitter.com/SbOh6EXUtT

— Congress (@INCIndia) July 24, 2026



राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस और प्रदर्शनकारी छात्रों की तीन मुख्य मांगें हैं। पहली, पेपर लीक के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को हटाया जाए। दूसरी, छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। तीसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के हजारों छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।


उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस विवाद की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान इस आपराधिक शिक्षा व्यवस्था का प्रतीक हैं। शिक्षा व्यवस्था के पतन की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। मेरे भाई को गोली लगी, हजारों छात्र सड़कों पर हैं, इसकी वजह वही हैं। उन्हें जाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि घायल छात्रों को बेहतर इलाज, उचित मुआवजा और न्याय मिलना चाहिए। छात्रों को डराने-धमकाने के बजाय उनकी मांगों को सुना जाना चाहिए।


पैलेट गन से घायल छात्र शाहिल ने इंसाफ की मांग की और कहा, ‘इंकलाब जिंदाबाद’।”