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रूस की आग से भारत को मिला बड़ा लाभ, अमेरिका की नजरें भी टिकीं

रूस में लगी आग ने भारत को डीजल आपूर्ति में महत्वपूर्ण लाभ दिलाया है, जिससे अमेरिका की नजरें भी इस पर टिकी हैं। यूक्रेन के हमलों के कारण रूस की रिफाइनरीज प्रभावित हुई हैं, जिससे भारत ने यूरोप का सबसे बड़ा डीजल सप्लायर बनने का गौरव हासिल किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने इस स्थिति पर टिप्पणी की है, और अमेरिकी विदेश मंत्री भारत का दौरा करने वाले हैं। जानें इस जटिल स्थिति का वैश्विक प्रभाव और भारत की भूमिका।
 

रूस में लगी आग का वैश्विक प्रभाव

रूस में लगी आग ने अचानक अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भारत की ओर आकर्षित किया है। यह आग भारत के करीबी मित्र देश रूस में लगी है, लेकिन इसके परिणामों का लाभ राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी दोनों को मिल रहा है। सवाल यह है कि इस आग में ऐसा क्या है कि पूरी दुनिया पीएम मोदी और पुतिन के सामने झुक गई है? इस जटिल प्रश्न का उत्तर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया है। दरअसल, यह आग यूक्रेन के हमले के बाद रूस की ऑयल रिफाइनरी में लगी है। यूक्रेन पिछले कुछ महीनों से रूस की रिफाइनरीज पर ड्रोन हमले कर रहा है, जिसके कारण रूस की डीजल उत्पादन क्षमता में 30 से 40% की कमी आई है। पहले अमेरिका इस स्थिति पर हंस रहा था, लेकिन अब डीजल की वैश्विक कमी ने अमेरिका को भी प्रभावित किया है।


अमेरिका में डीजल की कीमतों में वृद्धि

अमेरिका में डीजल की औसत कीमत अब $6.2 से $6.27 प्रति गैलन के बीच पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 65% अधिक है। कैलिफोर्निया में तो यह कीमत 8.21 प्रति गैलन तक पहुंच गई है। इस तरह की कीमतें अमेरिका के मध्यवर्ग के लिए बहुत अधिक हो गई हैं। ट्रंप ने कहा है कि यूक्रेन को नए राष्ट्रपति की आवश्यकता है, क्योंकि जेलस्की रूस की रिफाइनरीज पर हमले नहीं कर सकते, जिससे वैश्विक स्तर पर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। हालांकि नुकसान हो रहा है, लेकिन जेलस्की के सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, जिसमें अमेरिका की भूमिका है।


भारत का बढ़ता महत्व

इस आग का भारत को क्या लाभ हुआ है? रूस अपनी रिफाइनरीज के ठप होने के कारण अपने कच्चे तेल को रिफाइन करके डीजल नहीं बना पा रहा है। ऐसे में भारत की रिफाइनरीज ने इस कमी को पूरा करना शुरू कर दिया है। भारत अब रूस को डीजल प्रदान कर रहा है और पहली बार अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए यूरोप का सबसे बड़ा डीजल सप्लायर बन गया है। इस स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने भारत पर एक बड़ा ऐलान किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आ रहे हैं और गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां भारत की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरीज स्थित हैं।