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लुधियाना में किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प

लुधियाना में किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच बधाई मांगने के अधिकार को लेकर विवाद ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया। 15 जून 2026 को हुई इस घटना में एक पक्ष ने दूसरे की गाड़ी रोककर हमला किया। पुलिस ने 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

लुधियाना में किन्नर समुदाय के बीच विवाद


लुधियाना में किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच चल रहा वर्चस्व का विवाद अब एक गंभीर झड़प में बदल गया है। यह विवाद बधाई मांगने के अधिकार को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें एक पक्ष ने सड़क पर दूसरे पक्ष की गाड़ी रोककर हमला किया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और मामला पुलिस के पास पहुंच गया।


घटना का विवरण

यह घटना 15 जून 2026 को हुई थी। शिकायत मिलने के बाद, मॉडल टाउन पुलिस ने 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है।


बधाई मांगने पर विवाद की शुरुआत

शिकायतकर्ता छोटी महंत केयर उर्फ सुरेश प्रसाद ने बताया कि वह आत्म नगर क्षेत्र में बधाई मांगने गई थीं। वहां पहले से मौजूद दूसरे समूह के सदस्यों से उनके अधिकार को लेकर कहासुनी हो गई। उन्होंने केवल इतना कहा कि उनके निर्धारित क्षेत्र में बधाई मांगने न आया जाए, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।


बीच सड़क पर हमला

शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि कुछ समय बाद दाना मंडी फाटकों के पास शिकायतकर्ता की ईको स्पोर्ट्स गाड़ी को रोक लिया गया। इस दौरान चालक और ढोलकी बजाने वाला व्यक्ति डर के कारण भाग गए। इसके बाद शिकायतकर्ता को गाड़ी से बाहर निकालकर कथित तौर पर घातक हथियारों से हमला किया गया और जान से मारने की धमकियां भी दी गईं।


पुलिस कार्रवाई

पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रवीना, मोना, पूजा, सुहाना, रशिका, रूबी, रहमत, हिफाजत, दिलावर मरासी (ढोलकी मास्टर) और चालक शिव कुंवर समेत 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।


जांच प्रक्रिया

फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य भी इकट्ठा कर रही है। जांच पूरी होने के बाद, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।