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लोकसभा में पेपर लीक रोकने के लिए संशोधन बिल पास, सख्त सजा का प्रावधान

लोकसभा ने पेपर लीक रोकने के लिए एक नया संशोधन बिल पारित किया है, जिसमें सख्त सजा और जुर्माने के प्रावधान शामिल हैं। इस बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने विपक्ष की ओर से अपनी बात रखी, जबकि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जवाब दिया। इसके अलावा, राज्यसभा में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को कानूनी सुरक्षा देने वाला विधेयक भी पारित हुआ। जानें इस महत्वपूर्ण विधायी प्रक्रिया के बारे में और क्या-क्या बातें हुईं।
 

संशोधन बिल का पारित होना


नई दिल्ली में, पेपर लीक को रोकने के उद्देश्य से लाया गया संशोधन बिल लोकसभा में पारित हो गया है। मंगलवार को दोपहर दो बजे इस बिल पर चर्चा शुरू हुई, जिसमें पहले दिन नौ घंटे की चर्चा हुई। बुधवार को फिर से चर्चा का दौर चला और अंततः इसे ध्वनि मत से मंजूरी दी गई। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2024 में इस कानून को पहली बार लागू किया था, जिसे सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से पारित किया गया था। दो साल में नीट यूजी के पेपर लीक होने की घटनाओं के बाद, सरकार इसे और अधिक सख्त प्रावधानों के साथ वापस लाने का निर्णय लिया है। 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रीवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' में सजा और जुर्माने के प्रावधानों को बढ़ाया गया है और मामले की जांच और सुनवाई की समय सीमा भी निर्धारित की गई है।


विपक्ष की प्रतिक्रिया

बिल पर चर्चा के दौरान, राहुल गांधी ने लगभग 50 मिनट तक अपने विचार रखे, जिसमें कई बार हंगामा भी हुआ। इसके बाद, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा का उत्तर दिया और विपक्ष के हंगामे के बीच बिल को पारित किया गया। इस बिल के कानून बनने पर पेपर लीक से संबंधित अपराधों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।


राहुल गांधी की टिप्पणी

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष इस बिल को लेकर राजनीति कर रहा है। उन्होंने राहुल गांधी के भाषण पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'राहुल गांधी ने जो अपशब्दों का प्रयोग किया, वे असंसदीय हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि यदि ये शब्द छात्रों के लिए नहीं थे, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल गांधी ने संसद परिसर में कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब देना चाहिए था।


राज्यसभा में अन्य विधेयक

इस बीच, राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक (2026) भी पारित हो गया। इसके तहत राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' की तरह राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को कानूनी सुरक्षा मिलेगी। अब 'वंदे मातरम' का अपमान, अनादर और गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा। इस विधेयक के माध्यम से 1971 के मूल कानून में संशोधन किया गया है, जिसमें राष्ट्रगीत के अपमान के लिए तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।