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वंदे भारत एक्सप्रेस में खाने की गुणवत्ता पर सवाल, IRCTC ने लगाया 10 लाख का जुर्माना

वंदे भारत एक्सप्रेस में एक यात्री ने ट्रेन के खाने में कीड़ा मिलने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद IRCTC ने 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस घटना ने रेलवे की खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे को बनाए रखने की चुनौती और बढ़ गई है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी।
 

वंदे भारत एक्सप्रेस में विवाद

नई दिल्ली - वंदे भारत एक्सप्रेस, जो अपनी प्रीमियम सुविधाओं के लिए जानी जाती है, एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला ट्रेन में परोसे गए भोजन की गुणवत्ता से संबंधित है, जहां एक यात्री ने भोजन में कीड़ा मिलने का गंभीर आरोप लगाया है।


सोशल मीडिया पर शिकायत

एक उपयोगकर्ता, जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @adityadidwania नाम से पोस्ट किया, ने दावा किया कि अहमदाबाद से मुंबई जा रही वंदे भारत ट्रेन के खाने में कीड़ा मिला। उन्होंने बताया कि उनके कोच में कम से कम दो बार ऐसी घटनाएं हुईं, जिसके बाद यात्रियों ने खाना खाना बंद कर दिया। यात्री ने आरोप लगाया कि भोजन की आपूर्ति करने वाली कंपनी 'ब्रांडावन फूड प्रोडक्ट्स' गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं कर रही है और इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की।


IRCTC की कार्रवाई

इस मामले के सामने आने के बाद, IRCTC ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित सेवा प्रदाता के खिलाफ कड़ा कदम उठाया। IRCTC ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। सेवा प्रदाता पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है और अनुबंध समाप्त करने का नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही संबंधित रसोई को सील कर गहन सफाई और कीट नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

घटना के बाद यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गया है और यूजर्स रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों ने ट्रेन के खाने की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है। एक यूजर ने लिखा कि 'ट्रेन का खाना खाने से बेहतर है परहेज करना', जबकि दूसरे ने कहा कि अगर वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन में यह हाल है, तो अन्य ट्रेनों के खाने की स्थिति और भी खराब हो सकती है।


खाद्य सुरक्षा पर सवाल

यह घटना एक बार फिर रेलवे में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को लेकर सवाल खड़े कर रही है। यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे को बनाए रखने के लिए अब रेलवे और संबंधित एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती है।