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विनेश फोगाट को WFI अध्यक्ष संजय सिंह की कड़ी चेतावनी

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने महिला पहलवान विनेश फोगाट को अनुशासनहीनता के लिए चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि विनेश का उत्तर संतोषजनक नहीं होता है, तो उनके खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जा सकती है। कुश्ती संघ ने विनेश की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन उन्होंने अपनी ही व्यवस्था पर सवाल उठाया। इसके अलावा, सिंह ने 2023 में हुए पहलवानों के आंदोलन के प्रभाव पर भी चर्चा की, जो भारतीय कुश्ती के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 

गोंडा में कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान विवाद

गोंडा: भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ने प्रसिद्ध महिला पहलवान विनेश फोगाट के खिलाफ एक सख्त बयान जारी किया है। गोंडा के नंदिनीनगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में उन्होंने स्पष्ट किया कि विनेश को संघ के नियमों का उल्लंघन करने के कारण अनुशासनात्मक नोटिस भेजा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विनेश का उत्तर संतोषजनक नहीं होता है, तो उनके खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें प्रतिबंध भी शामिल है।


विनेश फोगाट की स्थिति में वृद्धि

संजय सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि विनेश अब छोटी-छोटी बातों पर आरोप लगाने की आदी हो गई हैं। उन्होंने बताया कि जब विनेश ने प्रतियोगिता में भाग लेने की इच्छा जताई थी, तब कुश्ती संघ ने उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ली थी। संघ ने उन्हें सुरक्षित लाने, मैच कराने और वापस छोड़ने का वादा किया था। ऐसे में जब देशभर से, विशेषकर हरियाणा से, बड़ी संख्या में महिला पहलवान यहां आई हैं, तो अपनी ही व्यवस्था पर सवाल उठाना गलत है।


पहलवानों के आंदोलन का प्रभाव

कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने 2023 में हुए पहलवानों के आंदोलन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के कारण भारतीय कुश्ती को भारी नुकसान हुआ है। ओलंपिक में चार मेडल जीतने का लक्ष्य था, लेकिन आंदोलन के कारण खिलाड़ियों की तैयारी प्रभावित हुई और केवल एक मेडल ही प्राप्त हुआ। हालांकि, उन्होंने आशा व्यक्त की कि 2024 में बेटियां मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाएंगी और कुश्ती फिर से सही दिशा में बढ़ेगी। 2028 के ओलंपिक के लिए भी तैयारी शुरू कर दी गई है, और भारत को चार से पांच मेडल मिलने की उम्मीद है।


देश विरोधी ताकतों से सतर्क रहने की आवश्यकता

संजय सिंह ने चेतावनी दी कि कुछ देश विरोधी ताकतें कुश्ती के सकारात्मक माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर सकती हैं। उन्होंने नंदिनीनगर स्पोर्ट्स स्टेडियम की प्रशंसा की और कहा कि ऐसा बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर पूरे देश में कहीं और नहीं है। इस नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य नए खिलाड़ियों को मंच प्रदान करना है। इस आयोजन में 28 राज्यों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, और फ्री स्टाइल कुश्ती में लगभग 600 पहलवान मैदान में हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत हरियाणा से हैं।