वेनेजुएला में डेल्सी रोड्रिगेज का अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण
नई दिल्ली में राजनीतिक हलचल
नई दिल्ली: वेनेजुएला में हालिया सत्ता परिवर्तन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेते ही चीन, रूस और ईरान जैसे सहयोगी देशों के राजनयिकों से बधाई प्राप्त की। इन देशों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया है कि अमेरिका की मादुरो की गिरफ्तारी के खिलाफ वैश्विक स्तर पर विरोध बढ़ रहा है, और वेनेजुएला को अपने सहयोगियों का समर्थन प्राप्त हो रहा है।
संसद में शपथ ग्रहण समारोह
डेल्सी रोड्रिगेज ने सोमवार को कराकस में नेशनल असेंबली में अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ ली। इस विशेष संसदीय सत्र में उनके भाई और नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। समारोह सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आयोजित किया गया, जिसमें सत्तारूढ़ गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।
मादुरो की गिरफ्तारी और सत्ता परिवर्तन
यह शपथ ग्रहण उस समय हुआ जब राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका ने हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क भेज दिया। इस अमेरिकी कार्रवाई के बाद वेनेजुएला में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ गई है। सरकार समर्थकों ने इसे सैन्य आक्रमण कहा, जबकि विपक्षी खेमे में प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही। इस अचानक हुए घटनाक्रम ने देश की सत्ता संरचना को पूरी तरह से बदल दिया है।
भावुक संबोधन
शपथ लेने के बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने भावुकता के साथ कहा कि वह देशवासियों के दुख और पीड़ा को समझते हुए यह जिम्मेदारी ले रही हैं। उन्होंने मादुरो और प्रथम महिला सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी को 'अपहरण' बताया और इसे वेनेजुएला के खिलाफ अवैध सैन्य कार्रवाई करार दिया। रोड्रिगेज ने जनता से एकजुट रहने की अपील की।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
डेल्सी रोड्रिगेज के शपथ ग्रहण के तुरंत बाद, चीन, रूस और ईरान के राजदूतों ने उन्हें बधाई दी। इन देशों ने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। वेनेजुएला के ये सहयोगी देश लंबे समय से मादुरो सरकार के समर्थन में हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मुद्दा तेजी से बढ़ रहा है, और आने वाले दिनों में कूटनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है।
डेल्सी रोड्रिगेज का परिचय
डेल्सी रोड्रिगेज का जन्म 18 मई 1969 को कराकस में हुआ। वह पेशे से वकील हैं और यूनिवर्सिदाद सेंट्रल डी वेनेजुएला से स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। 2018 में उन्हें उपराष्ट्रपति बनाया गया था और वह वित्त और तेल मंत्री भी रह चुकी हैं। मादुरो उन्हें अपनी सरकार की 'मजबूत रक्षक' मानते थे। राजनीति के अलावा, उन्हें फैशन में भी रुचि है।