वोडाफोन-आइडिया को सरकार से मिली राहत, कर्ज चुकाने में मिली छूट
सरकार का बड़ा कदम
नई दिल्ली। संचार सेवा प्रदाता वोडाफोन-आइडिया को एक बार फिर से राहत प्रदान की गई है, जिससे भारत सरकार की हिस्सेदारी कंपनी में सबसे अधिक हो गई है। हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में कंपनी के कर्ज पर पांच साल का मोराटोरियम लागू किया गया है, जिसका अर्थ है कि कंपनी को अगले पांच वर्षों तक कर्ज चुकाने से छूट मिल गई है। इसके साथ ही, एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) के बकाए को भी फ्रीज कर दिया गया है, जिसका मतलब है कि कंपनी को इस बकाए का भुगतान तुरंत नहीं करना होगा।
कैबिनेट की बैठक में निर्णय
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में वोडाफोन-आइडिया के लिए एक महत्वपूर्ण राहत पैकेज को मंजूरी दी गई। इस निर्णय के तहत कंपनी के 87,695 करोड़ रुपए के एजीआर बकाए को फिलहाल 'फ्रीज' कर दिया गया है। इसका मतलब है कि कंपनी को अब इस भारी राशि का भुगतान तुरंत नहीं करना पड़ेगा। यह भुगतान अब वित्त वर्ष 2032 से 2041 के बीच 10 वर्षों में करना होगा।
कंपनी को मिली राहत
कैबिनेट ने वोडाफोन-आइडिया को पांच साल का मोराटोरियम भी प्रदान किया है, जिससे कंपनी को कर्ज का भुगतान अभी नहीं करना है। सरकार के इस निर्णय से नकदी संकट का सामना कर रही कंपनी को बड़ी राहत मिली है। उल्लेखनीय है कि कंपनी लंबे समय से सरकार से अनुरोध कर रही थी कि उसे बकाया चुकाने के लिए और समय दिया जाए। यदि यह राहत नहीं मिलती, तो कंपनी के लिए अपने संचालन को जारी रखना कठिन हो जाता।