व्हाट्सएप के यूजरनेम फीचर पर सरकार की चिंता
व्हाट्सएप का नया प्रस्ताव
व्हाट्सएप, जो कि सोशल मैसेजिंग का सबसे प्रमुख प्लेटफॉर्म है, ने हाल ही में एक नया फीचर पेश किया है, जिसमें उपयोगकर्ता मोबाइल नंबर के बजाय यूजरनेम का उपयोग कर सकते हैं। इस प्रस्ताव ने सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच चिंता का विषय बना दिया है। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
सरकार का तर्क है कि यदि कोई व्यक्ति यूजरनेम के माध्यम से धोखाधड़ी करता है, तो वह सरकारी या वित्तीय संस्थाओं के नाम से मिलते-जुलते नाम रखकर लोगों को ठग सकता है। यह चिंता पहले से ही टेलीग्राम जैसे अन्य एप्स के संदर्भ में उठाई जाती रही है।
यूजरनेम के उपयोग के संभावित लाभ
हालांकि, इस प्रस्ताव का एक सकारात्मक पहलू भी है। यदि लोग मोबाइल नंबर के बजाय यूजरनेम का उपयोग करने लगते हैं, तो इससे उनकी गोपनीयता बढ़ सकती है। मोबाइल नंबर आमतौर पर बैंक खातों, पैन और आईटीआर से जुड़े होते हैं, और यदि ये सार्वजनिक नहीं होते हैं, तो धोखाधड़ी की संभावना कम हो सकती है।
सरकार और राजनीतिक दलों के लिए यह चिंता का विषय है कि यदि यूजरनेम का उपयोग बढ़ता है, तो उन्हें अपने संचार और योजनाओं के लिए नए तरीके अपनाने होंगे। वर्तमान में, मोबाइल नंबर का उपयोग योजनाओं के पैसे ट्रांसफर करने, सदस्यता बनाने और चुनावी प्रचार में किया जाता है।