शेख हसीना का बांग्लादेश लौटने का ऐलान, राजनीतिक साजिशों का किया खुलासा
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश लौटने की योजना का ऐलान किया है। उन्होंने बांग्लादेशी अदालतों के फैसलों को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि वे इस साल बांग्लादेश लौटेंगी। हसीना ने कट्टरपंथियों से मिली धमकियों को नजरअंदाज करते हुए अपने संघर्षों की कहानी साझा की। जानें उनके विचार और भविष्य की योजनाएं।
Jun 28, 2026, 18:38 IST
शेख हसीना की वापसी का ऐलान
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश लौटने की योजना का एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला बयान दिया है। दो साल पहले अमेरिका और पाकिस्तान के समर्थन से हुए तख्तापलट के बाद से वे भारत में रह रही हैं।
राजनीतिक साजिशों का आरोप
हाल ही में एक साक्षात्कार में, उन्होंने अपनी वापसी के बारे में स्पष्ट रूप से कहा कि वे इस वर्ष बांग्लादेश लौटेंगी। हसीना ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की न्यायपालिका द्वारा उनके खिलाफ दिए गए निर्णय पूरी तरह से राजनीतिक प्रेरित हैं, और यह उनकी पार्टी 'अवामी लीग' को कमजोर करने की एक सोची-समझी योजना है, जिसे वे सफल नहीं होने देंगी।
अदालतों के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया
एक मीडिया चैनल को दिए गए विशेष साक्षात्कार में, हसीना ने बांग्लादेशी अदालतों के निर्णयों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "मेरे खिलाफ जो भी निर्णय आए हैं, वे न्याय नहीं हैं। यह प्रक्रिया असंवैधानिक और राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित है। अवामी लीग को समाप्त करने के लिए न्यायपालिका को राजनीतिक प्रतिशोध का उपकरण बना दिया गया है।" उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी साजिशें पहले भी हुई हैं, जो असफल रही हैं और आगे भी असफल रहेंगी।
कट्टरपंथियों को दिया जवाब
बांग्लादेश के कट्टरपंथियों से मिल रही धमकियों को नजरअंदाज करते हुए, हसीना ने कहा कि उन्हें मौत का कोई डर नहीं है। साक्षात्कार के दौरान, वे भावुक हो गईं और अपने पिता शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या और 1975 में अपने परिवार को खोने के दुखद दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी त्रासदियों के बावजूद, वे देश की भलाई के लिए पीछे नहीं हटेंगी और इस साल बांग्लादेश लौटेंगी।
साजिशों का सामना करते हुए जनता के साथ
अपने संघर्षों की कहानी साझा करते हुए, हसीना ने कहा, "1975 में मैंने अपने माता-पिता और परिवार के अधिकांश सदस्यों को खो दिया। इसके अलावा, 21 अगस्त को मुझ पर ग्रेनेड से हमला किया गया था। मेरे खिलाफ कई साजिशें रची गईं, लेकिन मैं हर बार बांग्लादेश की जनता के साथ खड़ी रही।"
उन्होंने याद दिलाया कि बांग्लादेश के लोगों ने उन्हें पांच बार प्रधानमंत्री चुना है, और उन्होंने देश के विकास के लिए काम किया है। हसीना ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि उनकी पूरी जिंदगी बांग्लादेश के लोगों, अवामी लीग और लोकतंत्र के लिए समर्पित रही है, इसलिए वे हर बाधा को पार करके इस वर्ष अपने वतन लौटेंगी।