श्रीलंका की जेल में दंगों से 25 की मौत, 100 से अधिक घायल
श्रीलंका की नेगंबो जेल में रविवार को कैदियों के दो गुटों के बीच हुई झड़प के कारण 25 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए। यह हिंसा ड्रग तस्करी के मुद्दों से जुड़ी बताई जा रही है। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कैदियों को अन्य होल्डिंग सेंटरों में स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और अधिकारियों की प्रतिक्रिया।
Jul 6, 2026, 18:46 IST
श्रीलंका की जेल में हिंसा का मामला
रविवार को श्रीलंका की एक जेल में कैदियों के दो गुटों के बीच हुई झड़प के कारण 25 लोगों की जान चली गई और 100 से अधिक लोग घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह घटना कोलंबो से लगभग 35 किलोमीटर उत्तर में स्थित नेगंबो जेल में हुई। झड़प की शुरुआत शाम को हुई, और यह स्थिति तब और बिगड़ गई जब महिला कैदियों ने जेल की छत पर चढ़कर समर्थन दिया, जिससे छत ढह गई और चार कैदी घायल हो गए। जेल के मीडिया प्रवक्ता एसी गजनायके ने बताया कि सोमवार को फिर से झड़पें हुईं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर हमले किए गए और उन्हें जेल के मुख्य गेट की ओर खदेड़ दिया गया। कुछ कैदियों ने मुख्य गेट तोड़ने की कोशिश की, जिसके कारण अधिकारियों को बल प्रयोग करना पड़ा, हालांकि गजनायके ने कहा कि यह बल प्रयोग न्यूनतम था। यह टकराव तब शुरू हुआ जब अधिकारियों ने कैदियों को नाश्ता बांटने का प्रयास किया। नेगंबो जेल में वर्तमान में लगभग 2,400 कैदी हैं।
अशांति का कारण
अशांति की वजह क्या थी?
हालांकि जेल अधिकारियों ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन श्रीलंका के एक समाचार आउटलेट 'न्यूज़फर्स्ट' की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह हिंसा ड्रग तस्करी का समर्थन करने वाले एक गुट और इसके खिलाफ खड़े दूसरे गुट के बीच हुई। 'हिरू न्यूज़' के अनुसार, यह झड़प ड्रग तस्करी से जुड़ी जानकारी के लीक होने के कारण हुई।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
इसके बाद क्या हुआ?
इस हिंसा के बाद, अधिकारियों ने नेगंबो जेल से कैदियों को देश के अन्य होल्डिंग सेंटरों में स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। प्रवक्ता गजनायके ने कहा कि यह कदम जेल के अंदर तनाव को कम करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए उठाया जा रहा है। जेल कमिश्नर जनरल ने हिंसा की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। सुरक्षा बहाल करने के लिए दंगा-रोधी यूनिट और पुलिस स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को तैनात किया गया है, साथ ही सुरक्षा ऑपरेशन में सहायता के लिए पुलिस टीमें भी लगाई गई हैं।