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श्रीलंका में 2,400 किलोग्राम केंदू पत्तों की तस्करी में सात भारतीय गिरफ्तार

श्रीलंकाई नौसेना ने 2,400 किलोग्राम केंदू पत्तों की तस्करी के आरोप में सात भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पश्चिमी नौसैनिक कमान की सूचना पर की गई। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के पास से बरामद पत्तों का उपयोग बीड़ी बनाने में किया जाता है। जानें इस तस्करी के पीछे की कहानी और श्रीलंका में तंबाकू उत्पादों की मांग के बारे में।
 

श्रीलंकाई नौसेना की कार्रवाई

श्रीलंकाई नौसेना ने 2,400 किलोग्राम केंदू पत्तों की तस्करी के प्रयास में सात भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी नौसेना ने बृहस्पतिवार को साझा की। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि यह कार्रवाई पश्चिमी नौसैनिक कमान से मिली सूचना के आधार पर की गई।


संदिग्ध नौकाओं की पहचान

श्रीलंका के जलक्षेत्र में दो संदिग्ध भारतीय नौकाओं और दो स्थानीय छोटी नौकाओं का पता चलने के बाद उन्हें रोका गया। बयान के अनुसार, बुधवार को पुट्टलम जिले के उदप्पुवा तट के निकट निगरानी अभियान के दौरान सात भारतीय नागरिकों और चार श्रीलंकाई नागरिकों को हिरासत में लिया गया।


केंदू पत्तों की बरामदगी

नौसेना ने बताया कि जब्त की गई नौकाओं की तलाशी के दौरान 60 बोरियों में लगभग 2,400 किलोग्राम केंदू पत्ते बरामद हुए। आरोपियों, जब्त नौकाओं और केंदू पत्तों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कोलंबो स्थित सीमा शुल्क निवारक कार्यालय को सौंपा जाएगा।


केंदू पत्तों का उपयोग

केंदू पत्तों का उपयोग बीड़ी बनाने में किया जाता है और ये टिकाऊ होने के कारण तंबाकू लपेटने के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होते हैं। श्रीलंका में सस्ती बीड़ियों की मांग को पूरा करने के लिए इन पत्तों की तस्करी की जाती है, खासकर जब व्यावसायिक रूप से निर्मित सिगरेट की कीमतें ऊंची होती हैं। तस्कर इन पत्तों को तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच स्थित उथले समुद्री मार्गों से पाक जलडमरूमध्य के जरिए छोटी नौकाओं के माध्यम से ले जाते हैं, ताकि वे तंबाकू उत्पादों पर लगने वाले आयात शुल्क और सीमा शुल्क नियमों से बच सकें।