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सऊदी अरब के हवाई अड्डे पर हमले में एक नागरिक की मौत, कई घायल

सऊदी अरब के दम्माम में किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक हमले में एक नागरिक की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए हैं। यह हमला बुधवार रात को हुआ, जिसके बाद अमेरिका ने अपने कुछ राजनयिकों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से इस हमले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और इससे जुड़े अन्य घटनाक्रम।
 

दम्माम हवाई अड्डे पर हमला

सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक हमले में एक सऊदी नागरिक की जान चली गई। यह जानकारी सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बृहस्पतिवार की सुबह दी। प्राधिकरण के अनुसार, बुधवार रात हुए इस हमले में आठ लोग घायल हुए हैं और हवाई अड्डे को कुछ हद तक नुकसान पहुंचा है।


हमले की जानकारी और प्रतिक्रिया

वैश्विक उड़ान निगरानी सेवा 'फ्लाइटरडार24' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि इस हवाई अड्डे से विमानों को अन्य स्थानों पर भेजा गया है। अधिकारियों ने हमले के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं किया है। इससे पहले, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के प्रमुख हवाई अड्डों को निशाना बनाकर कई हमले किए हैं।


हूती विद्रोहियों की चुप्पी

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इस हमले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, सऊदी गठबंधन ने पूर्वी क्षेत्र में ड्रोन से किए गए चार हमलों को विफल करने की जानकारी दी। बुधवार रात, अमेरिका ने अपने कुछ राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया।


घातक हमलों की श्रृंखला

यह कदम यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए कई घातक हमलों और संघर्ष की बढ़ती आशंकाओं के बीच उठाया गया। यह हमला उस समय हुआ जब सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में अरामको के संचालन वाले एक तेल क्षेत्र में ड्रोन का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। मंत्रालय के अनुसार, मारे गए लोग नेपाल और फिलीपीन के नागरिक थे, जबकि घायलों में एक पाकिस्तानी और एक भारतीय शामिल हैं।


पिछले हमलों का संदर्भ

पिछले महीने, हूती विद्रोहियों के एक ड्रोन को निष्क्रिय किए जाने के बाद उसका मलबा गिरने से सऊदी अरब में रहने वाले यमन के एक नागरिक की मौत हो गई थी। यह आम नागरिक की मौत का पहला मामला था, जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ हमले तेज किए थे। इन हमलों में सऊदी अरब के जहाजों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया था।