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समस्तीपुर में संपत्ति कर में वृद्धि: नई दरें और नियम

समस्तीपुर नगर निगम ने संपत्ति कर में वृद्धि की है, जिसमें मकान मालिकों को सड़क की चौड़ाई और श्रेणी के आधार पर टैक्स देना होगा। नई दरें तीन श्रेणियों में विभाजित की गई हैं। समय पर टैक्स जमा करने पर छूट मिलेगी, जबकि देरी पर जुर्माना लगाया जाएगा। जानें इस नए नियम के सभी पहलुओं के बारे में।
 

समस्तीपुर में संपत्ति कर में बदलाव

समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर नगर निगम क्षेत्र के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना आई है। अब शहर में मकानों के संपत्ति कर (होल्डिंग टैक्स) में वृद्धि की गई है। नगर निगम ने नगर विकास एवं आवास विभाग की स्वीकृति के बाद नई टैक्स दरें लागू करने का निर्णय लिया है। इस नए नियम के तहत, मकान मालिकों को अपने घर के सामने की सड़क की चौड़ाई और श्रेणी के अनुसार टैक्स का भुगतान करना होगा।

सड़कों की श्रेणी में विभाजन

प्रशासन ने इस टैक्स को स्पष्ट बनाने के लिए शहर की सड़कों को तीन श्रेणियों में बांटा है: प्रधान मुख्य सड़क (Principal Main Road), मुख्य सड़क (Main Road), और अन्य सड़कें (Other Roads)। नई दरों के अनुसार, प्रधान सड़कों पर स्थित घरों के लिए अधिकतम ₹65 प्रति वर्ग फीट की दर निर्धारित की गई है, जबकि पक्के कॉरपोरेटेड भवनों के लिए ₹43 प्रति वर्ग फीट और टीन या अन्य अस्थायी भवनों के लिए ₹22 प्रति वर्ग फीट की दरें तय की गई हैं।

इस नए नियम के अनुसार, समय पर टैक्स जमा करने वालों को छूट मिलेगी, जबकि देरी पर जुर्माना लगाया जाएगा। विशेष रूप से, जो मकान मालिक 30 जून तक अपना होल्डिंग टैक्स जमा करेंगे, उन्हें कुल राशि पर 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अलावा, जुलाई से सितंबर के बीच टैक्स जमा करने पर कोई छूट या अतिरिक्त जुर्माना नहीं लगेगा। वहीं, 1 अक्टूबर के बाद टैक्स का भुगतान करने वाले मकान मालिकों को हर महीने 1.5% की दर से विलंब शुल्क देना होगा, और विलंब शुल्क नहीं देने वालों से नियम के अनुसार वसूली की जाएगी।