सरकारी स्कूलों में 13,000 से अधिक शिक्षक पद रिक्त, भर्ती प्रक्रिया जारी
सरकारी स्कूलों में शिक्षक पदों की कमी
नई दिल्ली: यदि आप सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की चाह रखते हैं, तो आपके लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। हाल ही में शिक्षा मंत्रालय ने संसद में बताया कि भारत के दो प्रमुख केंद्रीय विद्यालय नेटवर्क में 13,000 से अधिक शिक्षण पद खाली हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में 8618 और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) में 5083 शिक्षण पद रिक्त हैं, जिनमें से कुछ 1 जनवरी, 2026 तक और कुछ 31 दिसंबर, 2025 तक भरे जाने हैं।
रिक्तियों का कारण
ये आंकड़े शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने 16 मार्च को लोकसभा में डॉ. राजेश मिश्रा के प्रश्न का उत्तर देते हुए साझा किए। डॉ. मिश्रा ने केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियों की कुल संख्या जानने की मांग की थी। चौधरी ने बताया कि नए विद्यालयों के खुलने, सेवानिवृत्तियों, इस्तीफों, पदोन्नतियों, तबादलों और अन्य कारणों से ये रिक्तियां उत्पन्न होती हैं।
भर्ती प्रक्रिया की स्थिति
जब चौधरी से पूछा गया कि क्या सरकार इन पदों को भरने के लिए कोई विशेष अभियान चला रही है, तो उन्होंने कहा कि रिक्तियों को भरना एक निरंतर प्रक्रिया है। KVS और NVS के नियमों के अनुसार इन पदों को भरने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अस्थायी नियुक्तियों का प्रावधान
उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षण प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए, इसके लिए अस्थायी रूप से शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। नियमित शिक्षकों की भर्ती जल्द से जल्द की जा रही है ताकि छात्रों के हितों पर कोई असर न पड़े।
भर्ती अधिसूचना
केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय ने नवंबर 2025 में सीधी भर्ती के लिए क्रमशः 8714 और 5045 शिक्षण पदों की रिक्तियों की अधिसूचना जारी की है।
बजट आवंटन
चौधरी ने बताया कि KVS को हर साल तीन अलग-अलग मदों के तहत बजटीय सहायता दी जाती है, जिसमें वेतन, सामान्य व्यय और संचालन के लिए पूंजीगत परिसंपत्तियों का सृजन शामिल है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए KVS को 9503.84 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।