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सितंबर में बैंक हॉलिडे: जानें कब रहेंगे बंद

सितंबर 2026 में बैंक हॉलिडे की जानकारी जानें। इस महीने विभिन्न त्योहारों और साप्ताहिक अवकाश के कारण कई शहरों में बैंक बंद रहेंगे। जानें किस दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी और किन डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।
 

सितंबर बैंक हॉलिडे की जानकारी


सितंबर बैंक हॉलिडे की सूची: सितंबर का महीना शुरू हो चुका है, और यदि आपको बैंक में जाकर चेक जमा करने, लॉकर से सामान निकालने या डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाने की आवश्यकता है, तो पहले से बैंक हॉलिडे की जानकारी होना आवश्यक है। त्योहारों और साप्ताहिक अवकाश के कारण, सितंबर में विभिन्न राज्यों के कई शहरों में बैंक बंद रहेंगे। आइए जानते हैं कि किस तारीख को बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी।


देशभर में बैंक बंद रहने वाले दिन

सितंबर में कुछ छुट्टियां हैं, जो पूरे देश में लागू होंगी। इनमें रविवार के अलावा दूसरा और चौथा शनिवार शामिल हैं।


6 सितंबर, रविवार – साप्ताहिक अवकाश
12 सितंबर, शनिवार – दूसरा शनिवार
13 सितंबर, रविवार – साप्ताहिक अवकाश
20 सितंबर, रविवार – साप्ताहिक अवकाश
26 सितंबर, शनिवार – चौथा शनिवार
27 सितंबर, रविवार – साप्ताहिक अवकाश


त्योहारों पर बैंक बंद रहने वाले शहर

4 सितंबर, शुक्रवार – जन्माष्टमी/कृष्ण जयंती: अहमदाबाद, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, देहरादून, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोच्चि, कोलकाता, लखनऊ, पटना, रायपुर, रांची, शिमला, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम और विजयवाड़ा में बैंक बंद रहेंगे।


14 सितंबर, सोमवार – गणेश चतुर्थी: मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, नागपुर, बेलापुर, भुवनेश्वर, पणजी और विजयवाड़ा में अवकाश रहेगा।


15 सितंबर, मंगलवार – संवत्सरी/नुआखाई/गणेश चतुर्थी (दूसरा दिन): अहमदाबाद, भुवनेश्वर और पणजी में बैंक बंद रहेंगे।


21 सितंबर, सोमवार – श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव/श्री नारायण गुरु समाधि: गुवाहाटी, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में छुट्टी रहेगी।


22 सितंबर, मंगलवार – कर्मा पूजा: रांची में बैंक बंद रहेंगे।


23 सितंबर, बुधवार – महाराजा हरि सिंह जी की जयंती: जम्मू और श्रीनगर में बैंकिंग अवकाश रहेगा।


25 सितंबर, शुक्रवार – इंद्रजात्रा: गंगटोक में बैंक बंद रहेंगे।


बंद शाखाओं में भी कर सकेंगे ये काम

हालांकि बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी। फिर भी, लॉकर एक्सेस, DD बनवाने, चेक क्लियरिंग और दस्तावेज जमा करने जैसे शाखा-आधारित कार्यों को पहले से योजना बनाना बेहतर होगा।