सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया पर लगाया जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया
सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया: कॉमेडियन समय रैना और यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया से संबंधित मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने दोनों के व्यवहार पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया। अदालत ने प्रत्येक पर 3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और चेतावनी दी कि यदि समय पर राशि जमा नहीं की गई, तो कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।
समय रैना के खिलाफ निर्देशों का उल्लंघन
सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि 'यूथ आइकॉन' होने का दावा करने वाले व्यक्तियों से समाज बेहतर उदाहरण की अपेक्षा करता है। अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह का आचरण युवाओं के लिए गलत संदेश देता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि समय रैना ने अदालत को गुमराह किया है और उसके आदेशों की अवहेलना की है।
एसएमए फाउंडेशन से संपर्क न करने का मुद्दा
सुनवाई के दौरान, वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि समय रैना अपने शो कर रहे हैं, लेकिन कोर्ट के निर्देशों के बावजूद उन्होंने अब तक एसएमए फाउंडेशन या प्रभावित व्यक्तियों से संपर्क नहीं किया। इस पर अदालत ने नाराजगी व्यक्त की।
वकील का स्पष्टीकरण
समय रैना के वकील ने अदालत को बताया कि एसएमए फाउंडेशन से संपर्क न करने के पीछे कोई अहंकार नहीं था। उन्होंने कहा कि वे अपने मुवक्किल को कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए समझाएंगे।
मामले का सारांश
यह मामला पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश से संबंधित है, जिसमें 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के होस्ट समय रैना और अन्य कॉमेडियनों को विकलांगता और दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों का मजाक उड़ाने पर बिना शर्त माफी मांगने के लिए कहा गया था। अदालत ने कहा था कि इस तरह की सामग्री सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून के तहत दंडनीय हो सकती है।