सोनम रघुवंशी को मिली जमानत, कोर्ट ने बताई शर्तें
सोनम रघुवंशी की जमानत
सोनम रघुवंशी, जिन पर अपने हनीमून के दौरान पति राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप था, को अदालत ने जमानत दे दी है। इस मामले में मेघालय पुलिस की एक लिपिकीय गलती ने सोनम को जमानत दिलाने में मदद की। अदालत ने कहा कि ऐसी त्रुटि सभी दस्तावेजों में एक साथ नहीं हो सकती।
अदालत ने सोनम की रिमांड और हिरासत को भी अवैध ठहराया। हालांकि, जमानत देते समय अदालत ने कुछ शर्तें भी रखीं।
जमानत की शर्तें
- पहली शर्त के अनुसार, सोनम न तो भागेंगी और न ही सबूतों या गवाहों के साथ छेड़छाड़ करेंगी।
- दूसरी शर्त यह है कि सोनम को हर निर्धारित तारीख पर अदालत में उपस्थित होना होगा।
- तीसरी शर्त के तहत, सोनम को बिना अनुमति के अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं जाना है।
- अंतिम शर्त यह है कि सोनम को ₹50,000 का निजी मुचलका और उतनी ही राशि के दो जमानती पेश करने होंगे।
जमानत कैसे मिली?
शिलांग की अतिरिक्त उपायुक्त डसालेना आर. खारबुली ने मंगलवार को सोनम की चौथी जमानत याचिका पर सुनवाई की और उन्हें जमानत दी। इससे पहले, सोनम ने तीन बार जमानत पाने की कोशिश की थी। अदालत ने पाया कि पुलिस ने सोनम को उनकी गिरफ्तारी के कारणों के बारे में सही जानकारी नहीं दी थी।
इस चूक ने सोनम को राहत पाने का कानूनी रास्ता प्रदान किया। अदालत ने सभी दलीलें सुनने के बाद पाया कि पुलिस ने गलती से BNS की धारा 403(1) का उल्लेख किया था।
कोर्ट का आदेश
अदालत ने यह भी देखा कि किसी भी दस्तावेज में सोनम को यह नहीं बताया गया था कि उसे BNS की धारा 103(1) के तहत गंभीर अपराध के लिए गिरफ्तार किया जा रहा है। अदालत ने इस दलील को खारिज करते हुए मेघालय पुलिस को फटकार लगाई और कहा कि इस तरह की गलती सभी दस्तावेजों में नहीं हो सकती। अदालत ने कहा कि आरोपी की प्रारंभिक गिरफ्तारी संवैधानिक आदेशों का उल्लंघन है और इसलिए वह जमानत पर रिहा होने की हकदार है।