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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से बचें: साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की चेतावनी

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से सावधान रहें। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ये वीडियो असल में फ़िशिंग अटैक का हिस्सा हो सकते हैं। जानें कैसे ये लिंक आपके व्यक्तिगत डेटा और बैंक अकाउंट को खतरे में डाल सकते हैं। उमेर और फातिमा जटोई के मामले में भी यही खतरा है। सतर्क रहें और अपनी जिज्ञासा को अपने लिए नुकसान न बनने दें।
 

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का खतरा


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो: इंटरनेट की दुनिया भले ही आकर्षक लगे, लेकिन इसके पीछे एक गंभीर खतरा छिपा हुआ है। जैसे ही 2026 का नया साल शुरू हुआ, 'प्राइवेट वीडियो लीक' की खबरें तेजी से फैलने लगी हैं। जनवरी का आधा महीना भी नहीं हुआ और उमेर और फातिमा जटोई जैसे नाम सर्च इंजनों पर ट्रेंड कर रहे हैं। लोग '7 मिनट 11 सेकंड' और '6 मिनट 39 सेकंड' के वीडियो की खोज कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह जिज्ञासा आपको भारी नुकसान में डाल सकती है?


साइबर विशेषज्ञों की चेतावनी

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। जिन वीडियो को आप 'एक्सक्लूसिव' या 'लीक' समझते हैं, वे वास्तव में आपकी डिजिटल सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए बनाए गए हैं।


हैकर्स की नई तकनीक

हैकर्स ने मानव जिज्ञासा का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। वे जानबूझकर '7:11 मिनट' या '6:39 मिनट' जैसे विशेष टाइम स्टैम्प वाले वीडियो साझा करते हैं ताकि ये असली लगें। यह एक मनोवैज्ञानिक चाल है जो उपयोगकर्ताओं को लिंक पर क्लिक करने के लिए मजबूर करती है।


आपका बैंक अकाउंट खतरे में

विशेषज्ञों का कहना है कि इन वीडियो के लिंक असल में फ़िशिंग अटैक और मैलवेयर का हिस्सा हैं। जैसे ही आप क्लिक करते हैं, हैकर्स आपके डिवाइस तक पहुंच बना सकते हैं, जिससे आपका व्यक्तिगत डेटा चोरी हो सकता है और आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।


पाकिस्तान से जुड़े साइबर नेटवर्क

चौंकाने वाली बात यह है कि कई वायरल लिंक पाकिस्तान-आधारित सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारतीय उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए एक सोची-समझी साइबर योजना हो सकती है।


साइबर अपराध का शिकार होने का खतरा

ये फर्जी लिंक संदिग्ध अकाउंट के माध्यम से तेजी से फैलाए जा रहे हैं। एक लापरवाह क्लिक आपको साइबर अपराधियों के जाल में फंसा सकता है। आपकी पहचान, धन और गोपनीयता सब कुछ खतरे में है।


उमेर और फातिमा जटोई का मामला

जनवरी के पहले हफ्ते में, उमेर नाम के व्यक्ति से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद फातिमा जटोई का नाम भी चर्चा में आया। फातिमा ने कहा है कि यह वीडियो फर्जी और AI द्वारा निर्मित (डीपफेक) है, और यह उन्हें बदनाम करने की कोशिश है।


कानूनी समस्याओं का सामना

2025 के अंत में भारतीय इन्फ्लुएंसर्स से जुड़े ऐसे मामलों की चर्चा हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि लगभग 90% वायरल वीडियो या तो डीपफेक होते हैं या केवल क्लिकबेट। इसके अलावा, अश्लील सामग्री की खोज या साझा करने पर आपको IT एक्ट के तहत गंभीर कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।


अंतिम चेतावनी

यदि आपको ऐसे लिंक मिलते हैं जो 'ओरिजिनल वायरल वीडियो', 'फुल क्लिप', या 'प्राइवेट लीक' का वादा करते हैं, तो उनसे दूर रहें। एक क्लिक से आपका पैसा, डेटा, प्रतिष्ठा और मानसिक शांति सब कुछ जा सकता है। सतर्क रहें और सुरक्षित रहें।