हरप्रीत कौर की IIT गुवाहाटी में प्रवेश की कहानी: संघर्ष और उम्मीद
हरप्रीत कौर का सपना साकार
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में प्रवेश पाना लाखों छात्रों के लिए एक सपना होता है। लुधियाना की हरप्रीत कौर ने अपनी मेहनत और समर्पण से यह सपना साकार किया है। उन्हें IIT गुवाहाटी के बीएससी डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम में प्रवेश मिला है। हालांकि, इस सफलता के बावजूद, उनके सामने प्रवेश शुल्क जमा करने की चुनौती है।
संघर्षों के बीच मिली सफलता
हरप्रीत ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी रेजिडेंशियल मेरिटोरियस स्कूल से अपनी शिक्षा पूरी की। उन्होंने 2023 में दसवीं कक्षा में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और 2025 में बारहवीं की परीक्षा में भी 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद, उन्होंने अपनी पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया। उनके शिक्षकों का कहना है कि हरप्रीत हमेशा से पढ़ाई में अव्वल रही हैं और अपने लक्ष्यों के प्रति गंभीर थीं। यही समर्पण उन्हें इस प्रतिष्ठित संस्थान तक ले गया है, जहां वे डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों का अध्ययन करेंगी।
परिवार की आर्थिक चुनौतियाँ
हरप्रीत के पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और उनकी मां गृहिणी हैं। उनके परिवार की मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये है, जिसमें हरप्रीत के अलावा तीन छोटे भाई-बहन भी हैं। ऐसे में घर का खर्च चलाना कठिन है। IIT गुवाहाटी में प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए 16 जून तक 50 हजार रुपये जमा करना आवश्यक है, लेकिन परिवार इतनी बड़ी राशि जुटाने में असमर्थ है। इस कारण, इस उपलब्धि के बावजूद परिवार चिंता में है।
मदद की अपील और भविष्य की उम्मीदें
हरप्रीत का कहना है कि उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत की है और IIT में पढ़ाई का अवसर उनके जीवन को बदल सकता है। उनका मानना है कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकेंगी। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनकी उपलब्धि को प्रेरणादायक बताते हुए समाजसेवियों, दानदाताओं और सामाजिक संस्थाओं से मदद की अपील की है। उनका कहना है कि प्रतिभा को आर्थिक अभाव के कारण रुकना नहीं चाहिए। यदि समय पर सहायता मिलती है, तो हरप्रीत का सपना न केवल पूरा होगा, बल्कि यह अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।