हरिद्वार में कांवड़ियों की मौत पर प्रशासन ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
हरिद्वार में दुखद घटना
चंडीगढ़: हरिद्वार में गंग नहर में डूबने से चंडीगढ़ के चार नाबालिग कांवड़ियों की जान जाने के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और प्रत्येक को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। प्रशासन ने कहा है कि इस कठिन समय में सरकार परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
परिवारों से संवेदना व्यक्त की
रविवार को, यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पीड़ित परिवारों के घर जाकर उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना में अपनों को खोने का दर्द कभी कम नहीं होगा, लेकिन प्रशासन इस कठिन समय में हर संभव मदद करेगा। इसी दौरान, प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई।
भाजपा नेता की पहल
सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेता दविंदर सिंह बबला ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन ने इस मामले पर विचार करते हुए सहायता राशि देने का निर्णय लिया। इस निर्णय से शोकग्रस्त परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
गंग नहर में हादसा
जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ से 17 कांवड़ियों का एक समूह गंगाजल लेने हरिद्वार आया था। गंगाजल भरने के बाद सभी ज्वालापुर के जटवाड़ा पुल के पास गंग नहर में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान चार नाबालिग गहरे गड्ढे में गिर गए और डूब गए। मौके पर अफरातफरी मच गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
परिवारों पर दुखों का पहाड़
इस हादसे में सेक्टर-30बी के 16 वर्षीय शिवांशु और नीतीश, सेक्टर-26 के 16 वर्षीय भरत, और बापूधाम कॉलोनी के 17 वर्षीय रोहित की जान चली गई। भरत सरकारी स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था, जबकि रोहित ओपन बोर्ड से पढ़ाई कर रहा था और ऑटो चलाता था। इस घटना ने पूरे शहर में शोक का माहौल बना दिया है।
सुरक्षा की मांग
हादसे के बाद, स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने गंग नहर जैसे संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे स्थानों पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और बचाव इंतजाम होने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।