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हरियाणा में गर्मी का अलर्ट: तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है

हरियाणा में मौसम अगले कुछ दिनों में गर्मी और हीटवेव के कारण प्रभावित होने वाला है। मौसम विभाग ने 8 से 11 जून तक कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की चेतावनी दी है। हालांकि, 11 से 13 जून के बीच आंधी और बारिश से राहत मिलने की संभावना है। किसानों और पशुपालकों के लिए भी विशेष सलाह जारी की गई है। जानें इस मौसम के बारे में और अधिक जानकारी।
 

मौसम में बदलाव की संभावना

हरियाणा में अगले छह दिनों के दौरान मौसम में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिससे गर्मी में वृद्धि हो सकती है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर हीटवेव का प्रभाव महसूस किया जाएगा, और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है।


भीषण गर्मी का अलर्ट

8 से 11 जून तक प्रदेश के कई जिलों में भीषण गर्मी और हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान अधिकतम तापमान 42 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 11, 12 और 13 जून को आंधी और बारिश के कारण राहत मिलने की उम्मीद भी जताई गई है।


हीटवेव की चेतावनी

8 से 10 जून के बीच दक्षिण, पश्चिमी और मध्य हरियाणा के कई जिलों जैसे गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद और भिवानी में हीटवेव की चेतावनी दी गई है। अगले कुछ दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। 11 और 12 जून को कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।


बारिश में कमी

जून के पहले छह दिनों में राज्य में सामान्य से लगभग 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून को गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गर्मी सामान्य है, लेकिन यह मानसून को मैदानी क्षेत्रों में लाने में मदद करती है।


किसानों के लिए सलाह

मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए, जिन क्षेत्रों में तेज हवा और बारिश की संभावना है, वहां गन्ने, सब्जियों और फलों के बागों की सिंचाई बंद करने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को खुले में न बांधें, बल्कि शेड के नीचे रखें। तेज धूप से बचाने के लिए हवा की दिशा में जूट के बोरे या पर्दे लटकाने की सलाह दी गई है। सब्जियों जैसे भिंडी, लौकी, खीरा, तोरई और गर्मियों वाली मूली की बुआई सुबह या शाम को ठंडे समय में करने की सलाह दी गई है।