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हरियाणा में बिजली और पानी संकट पर अनुराग ढांडा का तीखा हमला

हरियाणा में बिजली और पानी की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने में लगे हैं। ढांडा ने कहा कि प्रदेश के लोग बिजली और पानी की कमी से परेशान हैं, जबकि सरकार एक निजी कंपनी को बिजली वितरण का कार्य सौंपने की योजना बना रही है। उन्होंने मांग की कि इस डील को तुरंत रद्द किया जाए और सभी दस्तावेज जनता के सामने रखे जाएं।
 

हरियाणा में बिजली-पानी संकट पर सवाल उठाते हुए अनुराग ढांडा

चंडीगढ़- आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा में बिजली और पानी की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की नाकामी के कारण प्रदेश में ये समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। ढांडा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का कार्य एक निजी कंपनी को सौंपने में लगे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कंपनी के पास न तो अनुभव है और न ही वित्तीय क्षमता, तो मुख्यमंत्री की इस निर्णय के पीछे क्या मजबूरी है?


अनुराग ढांडा ने बताया कि पिछले 36 घंटों से गुरुग्राम, अंबाला, रोहतक, हिसार, करनाल और कुरुक्षेत्र जैसे क्षेत्रों से बिजली और पानी की कमी की शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे आईटी हब में लोग मोमबत्तियां लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि जब वे बुनियादी सुविधाएं नहीं संभाल पा रहे हैं, तो वे सरकार किस तरह चला रहे हैं? हरियाणा के लोग अब जानना चाहते हैं कि बिजली और पानी की कमी के लिए कौन जिम्मेदार है।


अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा के लोग पानी और बिजली के लिए परेशान हैं, जबकि मुख्यमंत्री एक निजी कंपनी को बिजली वितरण का कार्य सौंपने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि नायब सिंह सैनी इस कंपनी के प्रति इतने मेहरबान क्यों हैं? 6 जून 2025 को स्थापित इलेवन पावर्स प्राइवेट लिमिटेड की पेड-अप कैपिटल लगभग ₹1 करोड़ है, जबकि कंपनी ₹4,700 करोड़ के निवेश की बात कर रही है। यह समझ से परे है कि सरकार इस कंपनी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी क्यों सौंप रही है।


उन्होंने यह भी पूछा कि इस कंपनी की वित्तीय और तकनीकी योग्यता की जांच किस आधार पर की गई है। अगर सब कुछ स्पष्ट है, तो दस्तावेज सार्वजनिक करने में डर किस बात का है? ढांडा ने मुख्यमंत्री की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि नायब सिंह सैनी क्यों एक निजी कंपनी को 10,000 करोड़ का लाभ देने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार बिजली वितरण में सुधार नहीं कर सकती, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।


अनुराग ढांडा ने बिजली कर्मचारियों की मांगों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बिजली के खंभों पर जान जोखिम में डालने वाले कर्मचारी ₹5,000 मासिक रिस्क अलाउंस मांग रहे हैं, लेकिन सरकार केवल ₹500 देने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि यह न्याय नहीं है कि जो कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।


उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने निजी बिजली प्रोजेक्ट को खरीदकर जनता को मुफ्त बिजली उपलब्ध करवाई है, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री सरकारी बिजली वितरण का कार्य भी निजी कंपनी को सौंप रहे हैं। ढांडा ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब प्रदेश के लोग बिजली-पानी की समस्या झेल रहे हैं, तो इस डील को रद्द करने में सरकार के हाथ किसने बांध रखे हैं?


अनुराग ढांडा ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस बिजली वितरण के फैसले का विरोध करती है और मांग करती है कि इस डील को तुरंत रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज जनता के सामने रखे जाएं और बिजली-पानी के संकट के लिए जिम्मेदारी तय की जाए। हरियाणा की जनता को बिजली और पानी देना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि एहसान।


उन्होंने चेतावनी दी कि नायब सिंह सैनी को याद रखना चाहिए कि हरियाणा की जनता ने उन्हें सरकार चलाने के लिए चुना है, न कि निजी कंपनियों की तिजोरी भरने के लिए। अगर वे प्रदेश नहीं संभाल पा रहे हैं, तो उन्हें कुर्सी छोड़ देनी चाहिए।