हरियाणा में मुख्यमंत्री ने पेंशन और सब्सिडी का किया वितरण
मुख्यमंत्री ने किया धनराशि का वितरण
चंडीगढ़, 08 मई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चंडीगढ़ में एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर 35 लाख से अधिक पेंशनभोगियों और लाखों महिलाओं के खातों में सीधे धनराशि ट्रांसफर की। पंचकूला और चंडीगढ़ के प्रशासनिक क्षेत्रों में हलचल बढ़ गई है, क्योंकि यह राशि उन लोगों तक पहुंची है जो लंबे समय से अपनी किस्तों और मुआवजे का इंतजार कर रहे थे।
महिलाओं के लिए लाडो लक्ष्मी योजना और गैस सब्सिडी
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से, सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 205 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने 11.23 लाख योग्य महिलाओं को गैस सिलेंडर की सब्सिडी के रूप में 38.54 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। यह कदम मध्यम और गरीब परिवारों के रसोई बजट को सहारा देने में सहायक होगा।
पेंशनभोगियों और जरूरतमंद परिवारों के लिए सहायता
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों के लिए यह दिन राहत लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं सहित 18 श्रेणियों के लाभार्थियों के लिए 1146.73 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इसके अतिरिक्त, दयालु योजना के तहत 5677 परिवारों को 215.29 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिन्होंने अपने कमाने वाले सदस्य को खो दिया या गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
किसानों के लिए मुआवजा और नई सुविधा
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के किसानों के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। रबी सीजन में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 1.50 लाख किसानों को 370.52 करोड़ रुपये का मुआवजा उनके बैंक खातों में भेजा गया है। इसके अलावा, फसलों की खरीद प्रक्रिया में बदलाव करते हुए, किसानों को अब अपनी फसल का जे-फॉर्म लेने के लिए आढ़तियों की मदद की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार ने एक नई एप्लिकेशन लॉन्च की है, जो फसल की एमएसपी पर खरीद होते ही जे-फॉर्म सीधे किसान के व्हाट्सएप पर भेज देगी।
छात्रों और सब्जी उत्पादक किसानों को भी मिला लाभ
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा निवेश किया है, जिसमें 64 हजार से अधिक गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों को 100 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। इस बार छात्रवृत्ति पोर्टल को सीधे केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पोर्टल से जोड़ा गया है ताकि भुगतान में कोई देरी न हो। भावांतर भरपाई योजना के तहत आलू और फूलगोभी उगाने वाले 5 हजार से अधिक किसानों को 38.88 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।