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हरियाणा में मौसम का मिजाज बदलने वाला है, तेज आंधी और बारिश की चेतावनी

हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में मौसम में बदलाव की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जानें 7 और 8 अप्रैल को मौसम का क्या हाल रहेगा और किसानों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
 

हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में मौसम का संकट

हिसार, 06 अप्रैल। हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के आसमान पर फिर से संकट के बादल छा गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी-दादरी जैसे पश्चिमी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यह मौसम परिवर्तन न केवल आम जनजीवन को प्रभावित करेगा, बल्कि खेतों में खड़ी फसलों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है।


7 और 8 अप्रैल को मौसम का रौद्र रूप

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 6 अप्रैल की शाम से वातावरण में बदलाव महसूस किया जाएगा। इस प्रणाली का सबसे अधिक प्रभाव 7 अप्रैल को हरियाणा-एनसीआर और दिल्ली पर देखने को मिलेगा। इस दौरान हवाओं की गति तेज हो सकती है, जिससे धूल भरी आंधी का सामना करना पड़ सकता है। कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ ओले गिरने की भी संभावना है, जिससे पकी हुई फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।


भिवानी और हिसार में तापमान में वृद्धि, अब गिरावट की संभावना

हाल के दिनों में बादलों की आवाजाही के बावजूद तापमान में वृद्धि देखी गई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। भिवानी में 32.5 और हिसार में 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, 7 अप्रैल से शुरू होने वाली बारिश और ओलावृष्टि के बाद 10 अप्रैल तक दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट की उम्मीद है, जिससे लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत मिलेगी।


उत्तरी जिलों में 9 अप्रैल तक मौसम का असर

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 9 अप्रैल को इस मौसमी प्रणाली का प्रभाव कम होने लगेगा, लेकिन उत्तरी हरियाणा के जिलों में बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रह सकता है। स्थानीय प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मौसम के अपडेट पर ध्यान दें। बार-बार बदलते इस मौसम के पीछे हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हो रहे लगातार पश्चिमी विक्षोभों को मुख्य कारण माना जा रहा है।