हरियाणा में मौसम में बदलाव: किसानों के लिए चेतावनी और तापमान में गिरावट
हरियाणा में मौसम का मिजाज बदल गया
चंडीगढ़. हरियाणा में मौसम ने अचानक करवट ली है। कल दोपहर की तेज धूप ने लोगों को परेशान कर दिया था, लेकिन शाम होते ही ठंडी हवाओं और बादलों ने ठंडक का अहसास कराया। मौसम विज्ञान केंद्र ने हाल ही में जारी बुलेटिन में राज्य के दक्षिण और पश्चिमी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी है। विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण अगले 48 घंटों तक मौसम में यह बदलाव जारी रहेगा।
किसानों के लिए सलाह: फसलों को बचाने के उपाय
इस मौसम के अचानक बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां फसल की कटाई चल रही है। कृषि विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौजूदा हालात को देखते हुए खेतों में सिंचाई और दवाओं का छिड़काव तुरंत रोक दें। तेज हवाओं और संभावित ओलावृष्टि के कारण खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढकने का इंतजाम करें ताकि मड़ाई में कोई बाधा न आए।
नूंह में तापमान में वृद्धि, गिरावट की संभावना
तापमान के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के दक्षिणी जिलों में गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक देखा गया है। पिछले 24 घंटों में नूंह जिला 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। भिवानी, हिसार और महेंद्रगढ़ में भी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। हालांकि, करनाल और सिरसा जैसे उत्तरी और पश्चिमी जिलों में तापमान 31 से 32 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, अगले दो दिनों में धूल भरी हवाओं और बारिश के बाद दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
तेज हवाओं का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। बिजली कड़कने और आंधी के दौरान लोगों को पेड़ों या जर्जर इमारतों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है। यह बदलाव न केवल गर्मी से राहत लाएगा, बल्कि आने वाले सप्ताह में रात के तापमान में भी हल्की सिहरन पैदा कर सकता है।