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हरियाणा में मौसम में बदलाव: धूल भरी आंधी और बारिश का अलर्ट

हरियाणा में मौसम में बदलाव आ रहा है, जहां धूल भरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। हिसार में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में और बदलाव की संभावना है, जिससे किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जानें इस मौसम के बारे में और क्या जानकारी है।
 

हरियाणा में मौसम का मिजाज बदल रहा है

पंचकूला, 03 मई। हरियाणा के आसमान में धूल और बादलों का खेल शुरू हो गया है। राजस्थान से आई तेज धूल भरी आंधी ने प्रदेश के जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, पंचकूला, यमुनानगर और फरीदाबाद में तेज बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते अगले 48 घंटों में इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।


हिसार में तापमान 41 डिग्री पार

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के तापमान में 2.1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। हिसार 41 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला बना, जबकि रोहतक, सिरसा और गुरुग्राम में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है। दिन की गर्मी के साथ रातों में भी गर्मी का अहसास होने लगा है, क्योंकि औसत न्यूनतम तापमान में 3.1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है।


5 मई तक आंधी और बारिश का सिलसिला

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसका प्रभाव 3 से 5 मई के बीच देखने को मिलेगा। इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना भी है। इस बदलाव से अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को उमस और लू से राहत मिलेगी।


मई में मौसम में बार-बार बदलाव

इस साल मई का महीना सामान्य नहीं रहने वाला है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस महीने कई पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों से टकराएंगे। इसके प्रभाव से हरियाणा में कभी लू चलेगी तो कभी अचानक बारिश मौसम को ठंडा कर देगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए कटी हुई फसलों और मंडियों में रखे अनाज की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें।