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हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल: 62 बर्खास्त, 10 निलंबित

हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल एक महीने से अधिक समय से चल रही है, जिसमें सरकार ने 62 कर्मचारियों को बर्खास्त और 10 को निलंबित किया है। कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। मुख्य मांगों में नियमितीकरण और नौकरी की सुरक्षा शामिल हैं। सरकार ने कुछ मांगों को स्वीकार किया है, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
 

हरियाणा सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का बढ़ता विवाद


हरियाणा में सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन और अग्निशामक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सरकार और श्रमिक संगठनों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। यह हड़ताल 6 अगस्त से चल रही है और अब एक महीने से अधिक समय से जारी है। सरकार की सख्त कार्रवाई के बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। हाल ही में, हरियाणा सरकार ने 30 संविदा सफाई कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया और आठ नियमित कर्मचारियों को निलंबित किया। पिछले दो दिनों में कुल 62 संविदा कर्मचारी बर्खास्त और 10 नियमित कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं।


कर्मचारियों ने हड़ताल को बढ़ाया

सरकार की कार्रवाई के बावजूद, कर्मचारी संगठनों ने अपने आंदोलन को जारी रखने का निर्णय लिया है। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और अग्निशामक विभाग के नेताओं के अनुसार, हड़ताल को 10 से 13 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। कर्मचारी नेता नरेश शास्त्री और मांगेराम तिगरा ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारी 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में 'जन न्याय पंचायत' आयोजित करने की योजना बना रहे हैं, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।


कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

कर्मचारियों का सबसे बड़ा मुद्दा नियमितीकरण है। कई सफाई कर्मचारी लंबे समय से संविदा पर कार्यरत हैं और वे स्थायी नौकरी की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, वे पुराने समझौतों को लागू करने, नौकरी की सुरक्षा, जोखिम भत्ता और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। यूनियन का कहना है कि सरकार ने मई में हुए समझौते में कई मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन उन्हें पूरी तरह से लागू नहीं किया गया।


सरकार की प्रतिक्रिया

हरियाणा सरकार का कहना है कि वह सफाई कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं कर रही है। सरकार ने कई मांगों को स्वीकार किया है और अन्य पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सरकार ने यह भी कहा है कि नगर निकायों में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज एक्ट के दायरे में लाने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है, जिससे पात्र कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा मिल सकती है।


10 साल से अधिक सेवा वाले कर्मचारियों का भुगतान बढ़ेगा

सरकार के अनुसार, जिन सफाई कर्मचारियों ने 10 साल से अधिक सेवा पूरी की है, उनका मासिक वेतन ₹20,590 से बढ़ाकर ₹25,560 किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन कदमों से कर्मचारियों को आर्थिक और नौकरी की सुरक्षा मिलेगी। इसके साथ ही, सरकार ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से ड्यूटी पर लौटने की अपील की है। हड़ताल के चलते कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने की शिकायतें आई हैं। स्थिति को संभालने के लिए, सरकार ने नगर निकायों को वैकल्पिक व्यवस्था करने और जरूरत पड़ने पर आउटसोर्स कर्मचारियों की मदद लेने के निर्देश दिए हैं।