×

हाईवे पर टोल भुगतान में बड़ा बदलाव: FASTag अनिवार्य, कैश बंद

हाईवे पर यात्रा करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है। 10 अप्रैल 2026 से टोल बूथों पर नकद भुगतान पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। अब सभी वाहनों के लिए FASTag अनिवार्य होगा, और यदि FASTag नहीं है, तो UPI के माध्यम से भुगतान का विकल्प उपलब्ध रहेगा। इस नई प्रणाली का उद्देश्य टोल प्लाजा पर लंबी कतारों को समाप्त करना और यात्रा को सुगम बनाना है। जानें इस बदलाव के सभी पहलुओं के बारे में और कैसे यह डिजिटल इंडिया की दिशा में एक कदम है।
 

नई दिल्ली में टोल भुगतान प्रणाली में परिवर्तन


नई दिल्ली: जो लोग नियमित रूप से हाईवे पर यात्रा करते हैं, उनके लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। सड़क परिवहन मंत्रालय और NHAI ने निर्णय लिया है कि 10 अप्रैल 2026 से टोल बूथों पर नकद भुगतान पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य टोल प्लाजा पर लंबी कतारों को समाप्त करना और यात्रा को अधिक सुगम बनाना है। अब सभी वाहनों के लिए FASTag होना अनिवार्य होगा। यदि FASTag नहीं है, तो UPI के माध्यम से भुगतान का विकल्प उपलब्ध रहेगा, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।


FASTag की अनिवार्यता और डिजिटल भुगतान

10 अप्रैल से सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा पर भुगतान पूरी तरह से डिजिटल होगा। जैसे ही आपकी गाड़ी टोल लेन में प्रवेश करेगी, RFID सेंसर आपके लिंक किए गए बैंक खाते या वॉलेट से स्वचालित रूप से पैसे काट लेगा। यदि FASTag नहीं है, तो UPI के जरिए QR कोड स्कैन करके भुगतान किया जा सकेगा, लेकिन UPI भुगतान पर आपको सामान्य टोल शुल्क का 1.25 गुना, यानी 25 प्रतिशत अधिक देना होगा। इससे यात्रा की गति बढ़ेगी और कतारें समाप्त होंगी।


भुगतान न करने पर क्या होगा?

अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि वैध FASTag या UPI भुगतान के बिना वाहनों को हाईवे पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे वाहनों को टोल प्लाजा से हटाया भी जा सकता है। NHAI का यह निर्णय पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को लागू करने की दिशा में है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और टोल चोरी या गड़बड़ी की संभावना कम होगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे FASTag को पहले से सक्रिय और बैलेंस से भरकर रखें।


भविष्य की योजनाएं: GPS और ANPR सिस्टम

सरकार भविष्य में GPS आधारित और ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) सिस्टम लागू करने की योजना बना रही है। इस प्रणाली में कैमरे आपकी नंबर प्लेट को पढ़कर तय दूरी के अनुसार स्वचालित रूप से टोल काट लेंगे। इससे टोल गेट पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रणाली यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाएगी। वर्तमान में FASTag और UPI पर जोर दिया जा रहा है ताकि लोग धीरे-धीरे नए सिस्टम के अभ्यस्त हो सकें।


छूट पाने वालों के लिए Exempted FASTag

टोल छूट या माफी के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए अब ID कार्ड दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी। छूट के पात्र व्यक्तियों को Exempted FASTag लेना होगा। सामान्य प्राइवेट कार मालिक 3075 रुपये का वार्षिक FASTag पास ले सकते हैं, जिससे वे एक वर्ष में 200 टोल प्लाजा तक बिना अतिरिक्त शुल्क के गुजर सकेंगे। यह पास वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू होगा। इससे छूट का दुरुपयोग रोका जाएगा और सही लोगों को लाभ मिलेगा।


भुगतान न करने पर जुर्माना और ई-नोटिस

यदि टोल का भुगतान नहीं किया गया, तो अधिकारी ई-नोटिस जारी कर सकते हैं। यदि तीन दिनों के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो टोल राशि से दोगुना जुर्माना लगाया जा सकता है। NHAI ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे FASTag को नियमित रूप से रिचार्ज करें और बैलेंस की जांच करते रहें। छोटी सी लापरवाही से अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है। डिजिटल भुगतान अपनाने से न केवल समय बचेगा, बल्कि यात्रा भी तनावमुक्त होगी।