हिमाचल विधानसभा में वंदे मातरम् विवाद: हंगामे के बीच सत्र स्थगित
हिमाचल वंदे मातरम् विवाद
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वंदे मातरम् विवाद: शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, बीजेपी और कांग्रेस के बीच वंदे मातरम् को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। विपक्ष ने कांग्रेस के उस निर्णय पर सवाल उठाया, जिसमें पार्टी ने अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल पहले दो अंतरों को गाने का निर्णय लिया है। हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने लगभग 10 मिनट के भीतर सदन की कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया। यह मानसून सत्र 21 अगस्त से 3 सितंबर 2026 तक चलेगा।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी विधायक विपिन सिंह परमार ने वंदे मातरम् का मुद्दा उठाया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इस विषय पर बोलने की अनुमति मांगी और कांग्रेस के हालिया निर्णय पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि कांग्रेस का यह निर्णय राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़ा गंभीर सवाल है। विपक्ष ने यह भी तर्क दिया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में वंदे मातरम् को कानूनी संरक्षण दिया है, इसलिए कांग्रेस का निर्णय उचित नहीं है।
कांग्रेस ने दो अंतरों का निर्णय क्यों लिया?
इस विवाद की जड़ कांग्रेस कार्यसमिति के 1937 के निर्णय में है। हाल ही में कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के पहले दो अंतरे गाने का निर्णय लिया है। कांग्रेस का तर्क है कि 1937 में पार्टी की कार्यसमिति ने राष्ट्रीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के पहले दो अंतरे गाने का निर्णय लिया था।
बीजेपी का क्या कहना है?
बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस का यह निर्णय राष्ट्रगीत के सम्मान के अनुरूप नहीं है। हिमाचल के सदन में विपक्ष का कहना है कि जब केंद्र सरकार ने वंदे मातरम् को कानूनी संरक्षण दिया है, तब कांग्रेस का यह निर्णय सवाल खड़ा करता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
विधानसभा अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विपक्ष की आपत्ति के जवाब में सदन की निर्धारित प्रक्रिया का हवाला दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई विधानमंडलों में सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से और समापन राष्ट्रगीत से करने की व्यवस्था है। बीजेपी विधायकों के विरोध के बीच सदन का माहौल गरमाता गया, जिसके चलते अध्यक्ष ने कार्यवाही स्थगित कर दी।