2026 में भारतीय राजनीति का चुनावी परिदृश्य: भाजपा की चुनौतियाँ और रणनीतियाँ
भारतीय राजनीति में चुनावी हलचल
जैसे ही 2026 का आगाज़ होता है, भारतीय राजनीति एक बार फिर चुनावी गतिविधियों में जुट गई है। पिछले वर्ष 2025 में लगातार जीत के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सामने कई राज्यों में अपनी राजनीतिक स्थिति को बनाए रखने और विस्तार करने की चुनौती है। इस वर्ष चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव, राज्यसभा की 73 सीटों पर चुनाव, और कई महत्वपूर्ण उपचुनाव होने वाले हैं। खासकर, चुनावी क्षेत्र का बड़ा हिस्सा दक्षिण और पूर्व भारत में है, जहां भाजपा के लिए परंपरागत रूप से स्थिति चुनौतीपूर्ण रही है.
भाजपा की 2025 की सफलता
2025 में भाजपा ने कई महत्वपूर्ण चुनावी जीत हासिल की, जिसमें दिल्ली विधानसभा चुनाव में 27 साल बाद वापसी, बिहार में एनडीए की स्पष्ट जीत, और केरल के तिरुवनंतपुरम नगर निगम में ऐतिहासिक सफलता शामिल हैं। ये जीत न केवल राज्यों की सत्ता को प्रभावित करेंगी, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति और 2029 की रणनीति को भी दिशा देंगी.
2026 में विधानसभा चुनावों का विवरण
इस वर्ष जिन राज्यों में चुनाव होंगे, उनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी शामिल हैं। इसके अलावा, मुंबई महानगरपालिका बीएमसी चुनाव, राज्यसभा की 73 सीटों पर चुनाव, और कई विधानसभा व लोकसभा उपचुनाव भी होंगे.
पश्चिम बंगाल: भाजपा की कठिन परीक्षा
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने खुद को मुख्य विपक्ष के रूप में स्थापित किया है, और 2026 में पार्टी का ध्यान सत्ता परिवर्तन पर है। हालांकि, ममता बनर्जी की जमीनी पकड़ और कल्याणकारी योजनाएं भाजपा के लिए चुनौती बनी रहेंगी.
तमिलनाडु: त्रिकोणीय मुकाबला
तमिलनाडु में, सत्तारूढ़ डीएमके और विपक्षी एआईएडीएमके तथा भाजपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। अभिनेता विजय की राजनीति में सक्रिय एंट्री ने इस चुनाव को और भी दिलचस्प बना दिया है.
केरल: भाजपा की चुनौती
भाजपा ने अब तक केरल विधानसभा में खाता नहीं खोला है, लेकिन 2025 के नगर निकाय चुनावों में प्रदर्शन ने पार्टी को नया आत्मविश्वास दिया है। फिर भी, वामपंथी और कांग्रेस गठबंधन की गहरी सामाजिक पकड़ भाजपा के लिए बड़ी बाधा बनी हुई है.
असम: सत्ता बचाने की परीक्षा
असम में, भाजपा को सत्ता विरोधी माहौल का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन मजबूत नेतृत्व उन्हें बढ़त दिला सकता है.
पुडुचेरी: गठबंधन की स्थिरता
पुडुचेरी में भाजपा और एआईएनआरसी की सरकार है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने चुनाव से पहले आंतरिक संतुलन को एक बड़ा मुद्दा बना दिया है.
राज्यसभा और उपचुनावों का प्रभाव
2026 में 73 राज्यसभा सीटें खाली होंगी, और विभिन्न राज्यों में विधानसभा उपचुनाव भी होंगे। ये चुनाव संसद के समीकरण और कानून निर्माण की दिशा को प्रभावित करेंगे.
2026 का महत्व
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि 2026 के चुनाव परिणाम 2029 के लोकसभा चुनाव की दिशा तय करेंगे। भाजपा के लिए यह साल विस्तार बनाम बचाव की रणनीति का होगा, और दक्षिण तथा पूर्व भारत में प्रदर्शन उनकी राष्ट्रीय छवि को प्रभावित करेगा.