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328 गायब स्वरुपों के मामले में एसआईटी को सहयोग देने का आश्वासन: धामी

एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने 328 गायब स्वरुपों के मामले में एसआईटी को सहयोग देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने मेला माघी के दौरान राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की, जिसमें संगतों की ट्रालियों को रोकने का मुद्दा शामिल है। धामी ने सोशल मीडिया के सही उपयोग पर भी जोर दिया, इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानते हुए। जानें इस मामले में और क्या कहा धामी ने।
 

धामी का एसआईटी को सहयोग का आश्वासन

श्री मुक्तसर साहिब (दीपक पॉल शर्मा): शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि वे 328 गायब स्वरुपों के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) को पूरा सहयोग प्रदान करेंगे। जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज के निर्देशों का पालन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा किया जाएगा। धामी मेला माघी के अवसर पर मुक्तसर के गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे थे।


प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मेला माघी के अवसर पर कोटकपूरा रोड पर नाके लगाकर संगतों की ट्रालियों को आगे बढ़ने से रोका जा रहा है। गुरुद्वारा साहिब की ओर जाने वाले रास्तों पर संगतों के वाहनों को भी आगे बढ़ने से रोक दिया गया है। कोटकपूरा रोड से लगभग पांच किलोमीटर दूर ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी कर दी गई हैं, जिससे संगत को पैदल इतनी दूर चलने में कठिनाई हो रही है। यह आस्था के साथ खिलवाड़ है, जिससे विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


धामी ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया आज एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है, जो लोगों की आवाज को पहुंचाने में सहायक है। हालांकि, कुछ लोग इसका गलत उपयोग कर रहे हैं। इसे व्यापार के रूप में नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में देखना चाहिए और इसका सही उपयोग होना चाहिए।