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AAP के सात सांसदों का BJP में विलय, केजरीवाल की पार्टी को बड़ा झटका

आम आदमी पार्टी के सात सांसदों ने भाजपा में विलय कर लिया है, जिससे केजरीवाल की पार्टी की स्थिति कमजोर हो गई है। अब भाजपा के पास राज्यसभा में 113 सांसद हैं, जबकि AAP के पास केवल तीन रह गए हैं। यह घटनाक्रम राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। जानें इस विलय के पीछे की वजहें और इसके संभावित प्रभाव।
 

राज्यसभा में AAP सांसदों का विलय


सात AAP सांसदों का BJP में विलय: राज्यसभा के सभापति ने आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा और उनके साथ छह अन्य सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी दे दी है। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा के सांसदों की संख्या 113 हो गई है, जबकि अरविंद केजरीवाल की पार्टी के पास अब केवल तीन सांसद रह गए हैं।


केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक पोस्ट में लिखा, 'राज्यसभा के माननीय सभापति श्री सी.पी. राधाकृष्णन जी ने AAP के 7 सांसदों के BJP में विलय को स्वीकार कर लिया है। अब, राघव चड्ढा जी, संदीप पाठक जी, अशोक मित्तल जी, हरभजन सिंह जी, स्वाति मालीवाल जी, राजिंदर गुप्ता जी और विक्रमजीत सिंह साहनी जी BJP संसदीय दल के सदस्य हैं। मैंने लंबे समय से देखा है कि इन 7 माननीय सांसदों ने कभी भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया और न ही कभी कोई अनुशासनहीनता या असंसदीय आचरण किया। प्रधानमंत्री मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण करने वाले NDA में आपका स्वागत है और 'टुकड़े-टुकड़े' INDI गठबंधन को अलविदा।'


भाजपा के राज्यसभा सांसदों की संख्या


आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 सांसदों के भाजपा में विलय के बाद, भाजपा के सदस्यों की कुल संख्या 113 हो गई है। वहीं, आम आदमी पार्टी के तीन सांसदों में संजय सिंह, नारायण दास गुप्ता और बलबीर सिंह शामिल हैं। यह केजरीवाल की पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि अब वह सदन में केवल तीन सदस्यों वाली पार्टी बन गई है। राज्यसभा में संख्या के मामले में कांग्रेस दूसरे स्थान पर है, जिसके पास 29 सदस्य हैं।