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Amazon India ने ई-कॉमर्स में फीस में कटौती की, छोटे व्यापारियों को मिलेगा बड़ा लाभ

Amazon India ने अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर शुल्क ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। इस नए फैसले से 300 रुपये से कम मूल्य वाले उत्पादों पर शिपिंग चार्ज में 20 प्रतिशत की कमी की जाएगी, जिससे छोटे व्यापारियों को लाभ होगा। इसके अलावा, 300 से 1000 रुपये के उत्पादों पर जीरो रेफरल फीस का दायरा बढ़ाया गया है। यह कदम ग्राहकों को सस्ते दाम पर सामान उपलब्ध कराने के साथ-साथ विक्रेताओं की आय बढ़ाने में मदद करेगा। जानें इस बदलाव के अन्य पहलुओं के बारे में।
 

Amazon India का नया फैसला


ऑनलाइन खरीदारी करने वालों और छोटे व्यवसायियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर आई है। ई-कॉमर्स क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, Amazon India ने अपने शुल्क ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। इस निर्णय से न केवल ग्राहकों को सस्ते दाम पर उत्पाद मिलेंगे, बल्कि प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने वाले विक्रेताओं को भी सीधा लाभ होगा।


शिपिंग चार्ज में कमी

कंपनी ने यह बताया है कि 300 रुपये से कम मूल्य वाले उत्पादों पर शिपिंग शुल्क में 20 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इससे छोटे और कम मूल्य वाले सामान बेचने वाले व्यापारियों की लागत में कमी आएगी। यह उम्मीद की जा रही है कि इसका लाभ ग्राहकों तक भी पहुंचेगा, जिससे उन्हें कम कीमत पर उत्पाद मिल सकेंगे।


जीरो रेफरल फीस का विस्तार

16 मार्च से, 300 से 1000 रुपये के मूल्य वाले उत्पादों के लिए जीरो रेफरल फीस का दायरा बढ़ा दिया गया है। इस निर्णय के तहत लगभग 1,800 श्रेणियों के उत्पाद शामिल किए गए हैं। पहले, कंपनी ने 300 रुपये से कम मूल्य वाले उत्पादों पर रेफरल फीस हटा दी थी, और अब इसे और अधिक श्रेणियों में लागू किया जा रहा है।


रेफरल फीस की जानकारी

रेफरल फीस वह कमीशन है जो प्लेटफॉर्म किसी उत्पाद की बिक्री पर वसूलता है। यह आमतौर पर उत्पाद की कीमत का 2 प्रतिशत से लेकर 16.5 प्रतिशत तक हो सकता है। जब यह फीस घटती या समाप्त होती है, तो विक्रेताओं की आय में वृद्धि होती है और वे प्रतिस्पर्धी कीमत पर सामान बेचने में सक्षम होते हैं।


ईजी शिप सर्विस में भी राहत

फीस में बदलाव के साथ, कंपनी ने ईजी शिप सर्विस पर भी राहत दी है। इस मॉडल में विक्रेता अपने गोदाम या दुकान में सामान रखते हैं, जबकि पिकअप और डिलीवरी की जिम्मेदारी कंपनी की होती है। अब 300 रुपये से कम मूल्य वाले उत्पादों पर ईजी शिप शुल्क में 20 प्रतिशत की कमी की गई है। यह सेवा नए और छोटे विक्रेताओं के लिए पहले से ही लोकप्रिय रही है, और अब कम शुल्क के कारण यह और भी आकर्षक हो सकती है।


प्रतिस्पर्धा में अन्य कंपनियों की भागीदारी

ई-कॉमर्स बाजार में शुल्क कम करने की यह होड़ नई नहीं है। Flipkart ने पिछले वर्ष 1000 रुपये से कम मूल्य वाले उत्पादों पर जीरो कमीशन मॉडल शुरू किया था, जिसे बाद में अपने प्लेटफॉर्म शॉप्सी पर सभी उत्पादों तक बढ़ा दिया गया। इससे पहले, Meesho ने 2022 में जीरो-कमीशन मॉडल की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य छोटे और मध्यम व्यवसायियों को ऑनलाइन बाजार से जोड़ना था, विशेषकर टियर-2 और छोटे शहरों में।