Apple को CCI की अंतिम चेतावनी, 3 लाख करोड़ रुपये का जुर्माना संभव
Apple की मुश्किलें बढ़ी
नई दिल्ली: अमेरिकी स्मार्टफोन निर्माता एप्पल के लिए भारत में समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने कंपनी को एक कड़ी चेतावनी देते हुए 'फाइनल वॉर्निंग' जारी की है। यह मामला एंटीट्रस्ट नियमों के उल्लंघन और बाजार में अपनी स्थिति का दुरुपयोग करने से संबंधित है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि एप्पल ने उनके नोटिस का तुरंत उत्तर नहीं दिया, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, जो 38 बिलियन डॉलर (लगभग 3 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है।
अंतिम चेतावनी: समय की कमी
सीसीआई ने एप्पल को स्पष्ट रूप से बताया है कि अब और समय नहीं दिया जाएगा। यदि कंपनी अगले सप्ताह तक आयोग को अपना स्पष्टीकरण नहीं देती है, तो उस पर उसके वैश्विक कारोबार के आधार पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह मामला अक्टूबर 2024 से लंबित है, जब सीसीआई ने जांच पूरी होने के बाद एप्पल से जवाब मांगा था। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी एप्पल की ओर से संतोषजनक उत्तर न मिलने पर आयोग ने यह कठोर कदम उठाया है।
विवाद का सारांश
एप्पल और सीसीआई के बीच यह विवाद 2022 से चल रहा है। कई भारतीय स्टार्टअप्स और ऐप डेवलपर्स ने शिकायत की थी कि एप्पल अपने iOS ऐप स्टोर पर एकाधिकार बनाए हुए है। आरोप है कि एप्पल ने ऐसे नियम बनाए हैं जो डेवलपर्स के हितों को नुकसान पहुंचाते हैं। कंपनी डेवलपर्स से ऐप पर होने वाली कमाई का 15 से 30 प्रतिशत तक कमीशन वसूलती है। इसके अलावा, डेवलपर्स को अपने ऐप में बाहरी भुगतान लिंक या वैकल्पिक भुगतान के तरीके जोड़ने की अनुमति नहीं है, जिससे उनके पास आईफोन उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने का कोई अन्य रास्ता नहीं बचता। 2024 में पूरी हुई जांच में सीसीआई ने भी माना था कि एप्पल अपनी प्रमुख स्थिति का गलत इस्तेमाल कर रहा है।
जुर्माने की गणना का मुद्दा
इस मामले में सबसे बड़ा मुद्दा जुर्माने की गणना को लेकर है। सीसीआई नए नियमों के तहत एप्पल पर 'ग्लोबल टर्नओवर' के आधार पर जुर्माना लगाने की योजना बना रहा है, जो लगभग 3 लाख करोड़ रुपये बनता है। वहीं, एप्पल ने इस नियम को चुनौती दी है। कंपनी का तर्क है कि जुर्माना केवल उसी कमाई के आधार पर तय होना चाहिए जो उसने भारत में अर्जित की है, न कि वैश्विक कमाई पर।
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
एप्पल ने सीसीआई की कार्यवाही और ग्लोबल टर्नओवर के नियम के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और मामले को रोकने की कोशिश की थी। अब सभी की नजरें 27 जनवरी 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर हैं। इस दिन अदालत यह तय कर सकती है कि एप्पल की दलीलों में कितना दम है और क्या वास्तव में उस पर इतना बड़ा जुर्माना लगाया जाएगा या नहीं। फिलहाल, सीसीआई की यह चेतावनी एप्पल के लिए एक गंभीर संकट का संकेत दे रही है।